भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल की चोट को लेकर बुधवार को BCCI ने आधिकारिक अपडेट जारी किया। बोर्ड ने प्रेस रिलीज के माध्यम से बताया कि गिल की रिकवरी सही दिशा में है और वे 19 नवंबर को टीम के साथ गुवाहाटी के लिए यात्रा करेंगे। हालांकि यह भी स्पष्ट किया गया कि उनकी फिटनेस पर मेडिकल टीम लगातार नजर रखेगी और दूसरे टेस्ट मैच में उनके खेलने या न खेलने का निर्णय बाद में लिया जाएगा।
गिल को यह चोट कोलकाता टेस्ट के दूसरे दिन 15 नवंबर को लगी थी। खेल समाप्त होने के बाद उन्हें गर्दन में तेज दर्द की शिकायत पर तत्काल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें एक दिन निगरानी में रखा और अगले दिन यानी 16 नवंबर को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। चोट के बाद उनकी तस्वीरें भी सामने आईं जिनमें वे गर्दन पर ब्रेस लगाए नजर आए और उनके साथ टीम डॉक्टर और अधिकारी मौजूद थे।
कोलकाता टेस्ट में भारत की पहली पारी के दौरान गिल बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे थे। वॉशिंगटन सुंदर के आउट होने के बाद जब वे क्रीज पर आए, तो शुरुआती दो गेंदों पर रन नहीं बना सके। तीसरी गेंद पर चौका जड़कर उन्होंने खाता खोला, लेकिन उसी स्वीप शॉट के दौरान उनकी गर्दन में अचानक दर्द हुआ और वे तुरंत असहज दिखने लगे। इसके कुछ ही देर बाद फिजियो मैदान पर आए और गिल को वापस ड्रेसिंग रूम ले जाया गया। पहली पारी में वे केवल 4 रन ही बना पाए और दूसरी पारी में न तो फील्डिंग करने उतरे और न ही बल्लेबाजी कर सके।
गिल की गैरमौजूदगी में कोलकाता टेस्ट के दौरान उपकप्तान ऋषभ पंत ने कप्तानी संभाली और यदि गिल गुवाहाटी टेस्ट में उपलब्ध नहीं रहते, तो पंत ही टीम का नेतृत्व करेंगे। टेस्ट क्रिकेट में कप्तान के बाहर होने की स्थिति में उपकप्तान ही स्वाभाविक रूप से टीम की कमान संभालता है।
भारत के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि टीम को कोलकाता टेस्ट में 30 रन से हार का सामना करना पड़ा। 124 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजी केवल 93 रन पर सिमट गई और साउथ अफ्रीका ने दो मैचों की इस टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब भारत के लिए स्थिति यह है कि सीरीज बचाने के लिए गुवाहाटी में दूसरा टेस्ट जीतना अनिवार्य हो चुका है। गिल की फिटनेस और उनकी उपलब्धता इस मैच के लिए टीम की रणनीति को काफी प्रभावित कर सकती है।