दुर्ग पुलिस ने नशे के नेटवर्क पर एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए रिसामा रेलवे स्टेशन के यात्री प्रतीक्षालय से ओडिशा के रहने वाले एक युवक को ताज़ा खेप के साथ पकड़ लिया। आरोपी शख़ील बाग अपने ट्रॉली बैग में करीब 9 किलो 668 ग्राम अवैध गांजा छिपाकर संबलपुर से दुर्ग तक बिना किसी बाधा के पहुंच गया था। इतनी बड़ी मात्रा में नशा लेकर ट्रेन में सफर करने के बावजूद न तो जीआरपी और न ही आरपीएफ को इसकी भनक लगी। लेकिन जैसे ही वह स्टेशन से बाहर निकलकर स्थानीय इलाके में माल खपाने निकला, अंडा थाना की टीम ने उसे घेरकर दबोच लिया।
घटना 22 नवंबर की दोपहर की है। जानकारी के मुताबिक शख़ील बाग संबलपुर से एक भरा हुआ ट्रॉली बैग लेकर दुर्ग जंक्शन पहुंचा और वहां से दल्लीराजहरा जाने वाली लोकल ट्रेन पकड़ी। उसका लक्ष्य था—रिसामा स्टेशन पर उतरकर अंडा इलाके में गांजे की सप्लाई देना। पुलिस को मुखबिर के जरिए पहले ही इसकी खबर मिल चुकी थी कि ओडिशा के टांगरपाड़ा, तोरा, बरगढ़ क्षेत्र का यह युवक बड़ी खेप लेकर आने वाला है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने रिसामा स्टेशन परिसर के बाहर घेराबंदी कर दी।
शाम करीब छह बजे जैसे ही युवक प्रतीक्षालय में बैठा हुआ मिला, पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। आरोपी के बैग की तलाशी लेने पर दो सफेद प्लास्टिक की थैलियों में भरा कच्चा दानेदार गांजा, एक रियलमी मोबाइल फोन और 1,350 रुपए नकदी बरामद हुई। मौके पर ही इलेक्ट्रॉनिक तराजू बुलाकर गांजे की तौल कराई गई, जिसका कुल वजन 9 किलो 668 ग्राम आया, जबकि ट्रॉली बैग और प्लास्टिक का संयुक्त वजन लगभग तीन किलो मिला। संपूर्ण ज़ब्त सामग्री—गांजा, मोबाइल, नकदी और बैग—की कीमत पुलिस ने करीब 5 लाख 6 हजार रुपए आंकी है।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले कई महीनों से ट्रेन के ज़रिए रायपुर और दुर्ग-भिलाई में गांजे की सप्लाई कर रहा था। उसने बताया कि यह खेप उसने तीन दिन पहले संबलपुर रेलवे स्टेशन के पीछे एक व्यक्ति से 15 हजार रुपए में खरीदी थी और इसे यहां मोटे दाम पर बेचने की योजना थी। पुलिस ने मौके पर जप्ती पत्रक तैयार कर सामान सीलबंद किया और आरोपी को धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया।
यह मामला एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है—जहां भारी मात्रा में नशे की तस्करी करने वाला युवक कई स्टेशन पार कर आसानी से दुर्ग तक पहुंच गया, लेकिन स्थानीय पुलिस की सतर्कता ने एक बड़ी सप्लाई को शहर में खपने से पहले ही रोक दिया।