भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार 27 नवंबर को एक बार फिर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया और लगभग 14 महीनों बाद नए ऑलटाइम हाई को छू लिया। कारोबार के शुरुआती हिस्से में सेंसेक्स ने 86,055 का ताज़ा रिकॉर्ड बनाया, जबकि निफ्टी 26,310 तक पहुंच गया। पिछली बार ऐसा स्तर सितंबर 2024 में देखा गया था, जब सेंसेक्स 85,978 और निफ्टी 26,277 पर पहुंचा था। हालांकि शुरुआती तेजी के बाद बाजार में हल्की थकान आई और दोनों सूचकांक नीचे की ओर फिसले। वर्तमान में सेंसेक्स मामूली कमजोरी के साथ 85,580 के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी करीब 40 अंकों की गिरावट के साथ 26,170 पर टिक गया है। इसके बावजूद ऑटो, फाइनेंस और बैंकिंग सेक्टर के स्टॉक्स पूरे सत्र में खरीदारी का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।
आज की तेजी के पीछे कई वजहें जुड़ी दिखाई देती हैं। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट प्रवीश गौर के अनुसार ग्लोबल मार्केट्स में आई मजबूती ने भारतीय बाजारों को महत्वपूर्ण सपोर्ट दिया है। एशियाई इंडेक्स मजबूती के साथ ट्रेड कर रहे हैं और वॉल स्ट्रीट भी पिछली रात सकारात्मक बंद रहा, जिससे भारतीय निवेशकों के मनोबल को मजबूती मिली है। वैश्विक जोखिम भावना में सुधार और निवेशकों की बढ़ती भूख ने बाजार को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाया। इसी के साथ अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर कटौती की अटकलों ने तेजी के माहौल को और सक्रिय कर दिया है।
तेजी का एक और कारण शॉर्ट कवरिंग को माना जा रहा है। तीन लगातार सत्रों की गिरावट के बाद कई निवेशकों ने अपनी शॉर्ट पोजिशन्स कवर कीं, जिससे अचानक खरीदारी का दबाव बढ़ा और सूचकांक ऊपर ले गए। हालांकि रिकॉर्ड छूने के तुरंत बाद बाजार में बुकिंग और हल्की मुनाफावसूली साफ दिखने लगी, जिसने सूचकांकों को नीचे खींचा।
वैश्विक बाजारों में भी तेजी का ही माहौल दिखा। कोरिया का कोस्पी लगभग 0.85% की तेजी के साथ 3,994 पर कारोबार कर रहा है और जापान का निक्केई 1.30% की मजबूती के साथ 50,203 के स्तर पर है। अमेरिकी बाजारों में डाउ जोन्स 0.67% बढ़कर 47,427 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डेक और S&P दोनों में क्रमशः 0.82% और 0.69% की बढ़त दर्ज की गई।
भारतीय बाजार में घरेलू निवेशक इस समय सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं। 26 नवंबर को विदेशी निवेशकों ने जहां ₹4,969 करोड़ की खरीदारी की, वहीं घरेलू निवेशकों ने इससे भी अधिक ₹5,984 करोड़ के निवेश के साथ बाजार को और सहारा दिया। नवंबर महीने में अब तक FIIs ₹12,449 करोड़ के शुद्ध विक्रेता रहे हैं, जबकि DIIs ने भारी भरकम ₹68,994 करोड़ की खरीद के साथ भारतीय बाजार की रीढ़ संभाली हुई है। यह साफ संकेत है कि जब विदेशी निवेशक पीछे हटते हैं, तब घरेलू फंड ही बाजार को स्थिर बनाए रखने का काम करते हैं।
एक दिन पहले, यानी 26 नवंबर को भी बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 1,023 अंकों की छलांग लगाकर 85,610 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 321 अंकों की बढ़त के साथ 26,205 के स्तर पर बंद हुआ। आज की शुरुआत उसी रफ्तार के साथ हुई, लेकिन रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद बाजार में हल्की ठंडक आती दिखी।
कुल मिलाकर, बाजार नई ऊंचाई पर जरूर पहुंचा है, लेकिन फिलहाल निवेशक सतर्क होकर आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।