दिल्ली का प्रदूषण अक्सर राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन जाता है, क्योंकि राजधानी की हवा का हर उतार-चढ़ाव देशभर की राजनीति और प्रशासनिक चर्चाओं को प्रभावित करता है। लेकिन आज की स्थिति कुछ और कहानी कहती है। दमघोंटू हवा सिर्फ दिल्ली की समस्या नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और यहां तक कि जम्मू-कश्मीर के कुछ शहरों ने भी खतरनाक प्रदूषण स्तर के मामले में दिल्ली को पीछे छोड़ दिया है। भारत के सबसे प्रदूषित शहरों की ताज़ा सूची में कई नाम ऐसे हैं, जिनकी मौजूदगी चौंकाने वाली है।
एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) की दोपहर 12 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में पहला स्थान उत्तर प्रदेश के बहिमपुर ने हासिल किया है, जहां आज एक्यूआई 368 तक पहुंच गया। इसके ठीक पीछे नागली है, जिसका एक्यूआई 362 दर्ज हुआ। इन दोनों शहरों की हवा इतनी खराब स्थिति में पहुंच चुकी है कि सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा है। हरियाणा का रोहतक भी पीछे नहीं रहा और 347 एक्यूआई के साथ तीसरे स्थान पर है, जो इसकी तेजी से बिगड़ती वायु गुणवत्ता की गंभीर तस्वीर पेश करता है।
सबसे ज्यादा हैरान करने वाला नाम है जम्मू-कश्मीर का खवाजा बाग, जिसने प्रदूषण की इस सूची में चौथा स्थान ले लिया है। आमतौर पर पहाड़ी इलाकों को स्वच्छ हवा के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां का एक्यूआई 313 तक पहुंच जाना चिंताजनक संकेत है। यह साफ बताता है कि प्रदूषण अब सिर्फ मैदानी इलाकों की समस्या नहीं रहा, बल्कि यह तेजी से विभिन्न क्षेत्रों में फैल रहा है।
दिल्ली की बात करें तो राजधानी का नाम भी देश के टॉप 5 प्रदूषित शहरों में जुड़ गया है। हालाँकि सरकार ने वायु प्रदूषण में कमी लाने के प्रयासों के तहत GRAP-3 की पाबंदियां हटा दी हैं और GRAP-2 लागू है, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली का एक्यूआई 313 के खतरनाक स्तर पर दर्ज हुआ। यह इस बात का सबूत है कि हवा में मौजूद सूक्ष्म कण अभी भी शहर के आसमान को धुंधला बनाए हुए हैं और लोगों की सेहत को खतरे में डाल रहे हैं।
हरियाणा की हवा भी आज बेहद खराब तस्वीर पेश कर रही है। एक्यूआई रैंकिंग में छठे से लेकर नौवें स्थान तक चार शहर हरियाणा के हैं। चरखी दादरी 290 एक्यूआई के साथ छठे स्थान पर है, इसके बाद मानसेर 284, सोनीपत 283 और ससरोली 279 एक्यूआई के साथ क्रमशः सातवें, आठवें और नौवें स्थान पर मौजूद हैं। यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि NCR और उसके आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर लगातार गंभीर होता जा रहा है। सूची के अंतिम यानी दसवें पायदान पर यूपी का बागपत है, जहां आज का एक्यूआई 278 दर्ज किया गया।
कुल मिलाकर स्थिति यह बताती है कि वायु प्रदूषण का दायरा दिल्ली से कहीं ज्यादा बड़ा है और उत्तर भारत के कई शहर इस संकट की चपेट में हैं। बढ़ते प्रदूषण स्तर न सिर्फ पर्यावरण, बल्कि स्वास्थ्य पर भी बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं, और आने वाले दिनों में इससे निपटने के लिए बड़े स्तर पर उपाय करना अनिवार्य होता जा रहा है।