भारत की अर्थव्यवस्था ने दूसरी तिमाही में ऐसा दम दिखाया कि शेयर बाजार से लेकर विदेशी निवेशकों तक सभी की धारणा अचानक बदल गई है। शुक्रवार को जारी ताज़ा आंकड़ों में Q2 GDP ग्रोथ 8.20% दर्ज की गई—एक ऐसा स्तर जो न सिर्फ उम्मीद से बेहतर है, बल्कि यह बताता है कि भारतीय इकोनॉमी अभी भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है। इस शानदार प्रदर्शन का सीधा असर अब सोमवार के बाजार की चाल पर दिखने वाला है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार एक मजबूत Gap-Up Opening के साथ करेगा। यह उछाल केवल भावनाओं का असर नहीं है, बल्कि बढ़ते बिज़नेस एक्टिविटी, तेज़ क्रेडिट मांग और सुधरती मैन्युफैक्चरिंग का संकेत है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक, जो पिछले कुछ हफ्तों में लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बना रहे थे, अब इस डेटा के बाद भारत की विकास गति को लेकर और ज्यादा आश्वस्त दिखाई दे सकते हैं।
GDP ग्रोथ का सबसे सीधा लाभ बैंकिंग सेक्टर, खासकर PSU बैंकों को मिलने की संभावना है। तेजी से बढ़ता क्रेडिट ऑफटेक, सरकारी बैंकों की सुधरी बैलेंस शीट और मजबूत आर्थिक माहौल—ये तीन कारण SBI, केनरा बैंक और यूनियन बैंक जैसे शेयरों को अगले कुछ दिनों में निवेशकों की पहली पसंद बना सकते हैं। दूसरी तरफ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का उछाल एशियन पेंट्स, L&T, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज ऑटो, कोचीन शिपयार्ड और मझगांव डॉक जैसे स्टॉक्स को फिर से चर्चा में ला रहा है।
बाजार में यह भी उम्मीद है कि IMF और अन्य वैश्विक संस्थाएं भारत की विकास दर को लेकर रेटिंग और आउटलुक में बदलाव कर सकती हैं। यदि ऐसा होता है तो विदेशों से भारत में भारी निवेश का रास्ता और खुल सकता है। ऊपर से यदि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में नरमी का संकेत देता है, तो FII की बिकवाली भी तेजी से कम हो सकती है।
अब तक जहां सेंसेक्स और निफ्टी नई ऊंचाइयों पर पहुंचकर चमक रहे थे, वहीं मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में वह रफ्तार नहीं दिखी थी। लेकिन Q2 डेटा ने तस्वीर बदल दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब सिर्फ बड़े इंडेक्स नहीं, बल्कि मिड-कैप और स्मॉल-कैप में भी मजबूती की नई लहर दिखेगी। निवेशक अब वैल्यू वाले स्टॉक्स में पैसा लगाते नज़र आ सकते हैं, जिससे इन कैटेगरी में कई दिनों से कायम जड़ता खत्म हो सकती है।
कुल मिलाकर, Q2 GDP ने बाजार को नए उत्साह और नई ताकत से भर दिया है। सोमवार का ट्रेडिंग सत्र लंबे समय बाद वह दिन साबित हो सकता है जब बाजार चौतरफा तेजी दिखाए—PSU बैंक चढ़ें, मिड-कैप–स्मॉल-कैप भागें और सेंसेक्स-निफ्टी रिकॉर्ड के और करीब पहुंच जाएं।