लेखा परीक्षा विभाग द्वारा अंकेक्षण दिवस पर निबंध प्रतियोगिता के पुरस्कात वितरित

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कार्यालय, महानिदेशक, लेखा परीक्षा (इस्पात) राँची, भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा विभाग, भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा ‘अंकेक्षण दिवस’ के उपलक्ष्य पर “कैग (सीएजी) ऑडिट प्राथमिक हितधारक : भारत के लोगों की बेहतर सेवा कैसे कर सकता है” विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह 28 नवंबर 2025 को संपन्न हुआ। यह निबंध प्रतियोगिता भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा विभाग द्वारा अंकेक्षण किए जाने वाले संस्थानों के कार्मिकों के लिए आयोजित की गई थी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम थे। निदेशक (भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा विभाग, शाखा-भिलाई इस्पात संयंत्र) श्री एम. एस. डहरिया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र, एन.एस.पी.सी.एल. तथा शाखा द्वारा अंकेक्षण किए जाने वाले अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

प्रतियोगिता के हिंदी निबंध श्रेणी में प्रथम पुरस्कार श्री अलंकार समद्दार, प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) भिलाई इस्पात संयंत्र, द्वितीय श्री अनिल कुमार अग्रवाल, कनिष्ठ प्रबंधक (प्लांट गैरेज), भिलाई इस्पात संयंत्र तथा तृतीय पुरस्कार सुश्री सुनीता पाण्डेय कनिष्ठ प्रबंधक (प्लांट गैरेज), भिलाई इस्पात संयंत्र ने प्राप्त किया वहीं अंग्रेज़ी निबंध श्रेणी में प्रथम पुरस्कार सुश्री अमृता गंगराडे, उप महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा), भिलाई इस्पात संयंत्र, द्वितीय- सुश्री प्रियंका तन्ना, चीफ फाइनेंस ऑफिसर, सेन्ट्रल ईस्ट-वेस्ट रेलवे लिमिटेड तथा तृतीय पुरस्कार श्री निकुंज कुमार, सहायक महाप्रबंधक (पावर सिस्टम्स), भिलाई इस्पात संयंत्र ने प्राप्त किया।

मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक श्री प्रवीण निगम ने अपने उद्बोधन में विभाग के कार्यों तथा समाज के प्रति योगदान की सराहना करते हुए कहा कि अपने कार्यों एवं भूमिका को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अंकेक्षित विभागों के कार्मिकों के मध्य आयोजित यह प्रतियोगिता दर्शाता है कि, विभाग राष्ट्र की बेहतरी व अपनी सेवाओं के उन्नयन के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने निबंध के विषय की सराहना करते हुए कहा कि आज हमारा देश प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, ऐसे में लेखा परीक्षा विभाग द्वारा इस प्रासंगिक विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन तथा इसके माध्यम से सुझाव आमंत्रण अत्यंत ही प्रशंसनीय है।

श्री एम. एस. डहरिया ने लेखा विभाग के कार्यों, देश व समाज की प्रगति में अंकेक्षण कि भूमिका तथा भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा विभाग के योगदान के विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, अंकेक्षण केवल त्रुटियाँ ढूँढने का औपचारिक तंत्र नहीं है वरन यह पारदर्शिता, विश्वास एवं उत्तरदायित्व का एक मज़बूत स्तंभ है। एक सुदृढ़ अंकेक्षण प्रक्रिया जनता के विश्वास ग्रहण करती है और धन का सही उपयोग सुनिश्चित करती है।

इस अवसर पर सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी श्री विदित अग्रवाल ने सामग्री खरीद प्रक्रिया पर लेखा विभाग की ओर से कार्यशाला का आयोजन कियाI आयोजन में वरीय लेखा परीक्षा अधिकारी श्री सुधीर हरणे एवं विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों का सक्रिय योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन वरीय लेखा परीक्षक श्री विनोद यादव ने किया तथा आभार प्रदर्शन वरीय लेखा परीक्षा अधिकारी श्री मनमोहन प्रधान ने किया।

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