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आधार का नया एप—अब घर बैठे मोबाइल नंबर, नाम और एड्रेस बदल सकेंगे; OTP और फेस ऑथेंटिकेशन से होगी पूरी प्रक्रिया

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आधार की डिजिटल सेवाओं को लेकर सरकार ने बड़ा बदलाव कर दिया है। UIDAI ने घोषणा की है कि अब घर बैठे आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट किया जा सकेगा। यही नहीं—जल्द ही नाम, एड्रेस और ईमेल आइडी अपडेट करने की सुविधा भी नए आधार ऐप में शुरू की जाएगी। खास बात यह है कि इसके लिए अब किसी डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं होगी।

नई सर्विस को पूरी तरह डिजिटल और आसान बनाया गया है, जिससे दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोग, वरिष्ठ नागरिक और बार-बार स्थान बदलने वाले लोग बिना आधार सेंटर गए आधार अपडेट कर सकेंगे।


नया आधार ऐप कैसे काम करेगा?

UIDAI के अनुसार प्रक्रिया बेहद सरल है और पूरी अपडेट प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाएगी।

यदि आपके पास ऐप नहीं है, तो सबसे पहले इसे डाउनलोड करें और फिर—

  1. आधार ऐप इंस्टॉल करें

  2. आधार नंबर डालकर लॉगिन करें

  3. मोबाइल पर आने वाले OTP से वेरिफाय करें

  4. छह अंकों का लॉगिन PIN बनाएं

इसके बाद आपका आधार ऐप पूरी तरह सेट हो जाएगा।


मोबाइल नंबर कैसे अपडेट होगा?

  1. ऐप में 6 अंकों का PIN डालकर लॉगिन करें

  2. नीचे स्क्रोल कर My Aadhaar Update पर क्लिक करें

  3. सबसे पहले मोबाइल नंबर अपडेट का विकल्प दिखेगा—क्लिक करें

  4. जानकारी पढ़कर Continue पर टैप करें

  5. मौजूदा नंबर डालकर OTP वेरिफाई करें

  6. नया मोबाइल नंबर डालें और OTP से वेरिफाई करें

  7. अब फेस ऑथेंटिकेशन होगा—कैमरा में देखकर एक बार आंख बंद–खोलना होगा

  8. ₹75 फीस भरें

  9. प्रोसेस पूरा हो जाएगा

पूरी प्रक्रिया बिना किसी दस्तावेज़ के पूरी हो जाती है।


मोबाइल नंबर अपडेट करना क्यों जरूरी है?

आधार देश की सबसे बड़ी पहचान सेवा है और 130 करोड़ से ज्यादा लोगों का डेटा इसमें दर्ज है। आपके मोबाइल नंबर से ही—

  • बैंकिंग OTP

  • सब्सिडी

  • इनकम टैक्स वेरिफिकेशन

  • डिजिलॉकर

  • KYC
    सब कुछ जुड़ा होता है।

पुराना या बंद हो चुका मोबाइल नंबर कई समस्याएँ खड़ी कर सकता है। अब तक इसके लिए आधार केंद्र जाना पड़ता था, लेकिन नई सर्विस इस झंझट को खत्म कर देगी।


नया आधार ऐप क्या-क्या कर सकता है?

UIDAI ने एक महीने पहले नया आधार ऐप लॉन्च किया था, जिसमें कई नई सुविधाएँ दी गईं—

1. फोन में ही आधार कैरी करें

अब ई-आधार हमेशा मोबाइल में रहेगा, पेपर कॉपी की जरूरत नहीं।

2. फेस स्कैन के जरिए ID शेयरिंग

UPI की तरह स्कैन कर ID शेयर की जा सकती है—सुरक्षा कई गुना बढ़ी।

3. सिक्योर लॉगिन

बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन से ऐप खुलता है।

4. एक ही मोबाइल पर 5 आधार रख सकेंगे

पूरा परिवार एक फोन से मैनेज हो जाएगा।

5. ऑफलाइन मोड

इंटरनेट न होने पर भी आधार देखा जा सकता है।


पुराना mAadhaar और नया आधार ऐप—क्या फर्क है?

  • mAadhaar अभी भी चलता रहेगा

  • PDF डाउनलोड, PVC कार्ड, वर्चुअल ID जैसी सर्विसेज mAadhaar में बेहतर हैं

  • नया आधार ऐप “प्राइवेसी-फर्स्ट” है—सिर्फ जरूरत भर की जानकारी ही शेयर होगी

यानि दोनों ऐप अपने-अपने काम में उपयोगी रहेंगे।


यूजर्स को क्या फायदा?

  • होटल चेक-इन, SIM एक्टिवेशन और बैंक KYC अब ज़्यादा तेज

  • परिवार के आधार एक फोन पर

  • अनावश्यक डेटा शेयरिंग से निजात

  • आधार अपडेट अब बिना सेंटर गए घर बैठे

  • सुरक्षित और तेज़ फेस-बेस्ड ऑथेंटिकेशन


आधार—डिजिटल पहचान का सफर

2009 में शुरू हुआ आधार आज 130 करोड़ से अधिक नागरिकों की पहचान बन चुका है। पेपर कार्ड से लेकर स्मार्ट PVC और फिर mAadhaar तक का सफर तय करने के बाद सरकार अब इसे पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित और अपडेटेबल बना रही है—ताकि हर सरकारी और निजी सेवा मोबाइल पर उपलब्ध हो सके।

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