छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव बलौदा बाजार जिले के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने नव-नियुक्त कांग्रेस जिलाध्यक्ष से मुलाकात कर संगठन की गतिविधियों और भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की। इसी दौरान उन्होंने सरगुजा संभाग में कोयला खदान को लेकर बने विवाद पर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अमेरा क्षेत्र में बिगड़े हालातों की जड़ SECL द्वारा खदान को निजी कंपनी को सौंपे जाने का निर्णय है, जिसने ग्रामीणों और प्रशासन के बीच अविश्वास और तनाव का माहौल पैदा कर दिया।
सिंहदेव ने कहा कि सरगुजा हमेशा शांति और सौहार्द के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन सरकार द्वारा निजी कंपनी के समर्थन में की गई कठोर कार्रवाई ने स्थानीय हालातों को और जटिल बना दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस हर परिस्थिति में ग्रामीणों के साथ खड़ी रहेगी—चाहे वे अपनी जमीन कंपनी को देना चाहें या इंकार कर दें। ग्रामीणों की सहमति को उन्होंने सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि बिना जनसमर्थन के किसी भी बड़े औद्योगिक निर्णय का कोई अर्थ नहीं रह जाता।
उन्होंने आगे ग्रामीणों से धैर्य और शांति बनाए रखने की अपील की। सिंहदेव का कहना था कि लोकतांत्रिक लड़ाई हमेशा संवाद और अहिंसक आंदोलन से ही मजबूत होती है, जबकि हिंसा न केवल आंदोलन को कमजोर करती है बल्कि प्रशासनिक कार्रवाई की आशंका भी बढ़ा देती है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से किसी भी प्रकार की उकसावे या भ्रामक सूचना से दूर रहने की सलाह दी और कहा कि हर समस्या का समाधान शांतिपूर्ण वार्ता और स्पष्ट संवाद से ही निकलता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस ग्रामीण हितों के संरक्षण के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी और क्षेत्र में न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करेगी। उनके दौरे में कई स्थानीय नेता और संगठन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने स्थिति के बारे में विस्तृत रिपोर्ट उन्हें सौंपी।