अचानकमार टाइगर रिज़र्व से सटे सुदूर वनांचल के छपरा गांव में मंगलवार देर रात जंगली हाथियों के एक दल ने ऐसा आतंक मचाया कि पूरा गांव दहशत में आ गया। केंवची–अमरकंटक मार्ग पर बसे इस छोटे से गांव में रात लगभग साढ़े दो से तीन बजे के बीच चार हाथियों का झुंड अचानक आ धमका। दुर्गा मंदिर के पास बने कच्चे मकान को इन हाथियों ने देखते ही देखते तहस-नहस कर डाला और घर में रखा पूरा राशन चट कर गए।
मकान में रहने वाली गंगाबाई, पति शिवदयाल, उस वक्त गहरी नींद में थीं। हाथियों की तेज चिंघाड़ सुनते ही वे घबराकर जागीं और तुरंत अपने बच्चों को उठाकर बाहर की ओर भागीं। जान बचाने के लिए जैसे-तैसे दौड़ते हुए वे गांव के चौक तक पहुंचीं और वहां मौजूद लोगों को पूरी घटना बताई। जैसे ही ग्रामीणों ने यह खबर सुनी, वे मौके पर पहुंचे और मिलकर बर्तन-पीटकर और मशालें दिखाकर हाथियों को दूर भगाने की कोशिश की।
लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था। ग्रामीणों के अनुसार हाथियों ने घर में रखे करीब 50 किलो चावल खा लिए। इसके अलावा चार प्लास्टिक कुर्सियाँ चकनाचूर कर दीं, सोलर पैनल लाइट तोड़ दी, घर के बाहर रखी 500 लीटर की सिंटेक्स पानी टंकी फोड़ दी और पूरा कच्चा मकान लगभग ढहा दिया। हमला इतना अचानक और तीव्र था कि परिवार कुछ भी बचाने की स्थिति में नहीं था। आर्थिक नुकसान काफी भारी बताया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इन दिनों जंगली हाथियों का चार सदस्यीय दल क्षेत्र के कई गांवों में घूम रहा है। धान की फसल कटाई के बाद खेतों में बची हुई सुगंध और घरों में रखे हुए धान की महक के कारण हाथी गांवों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसी वजह से लोग अपने घरों के बाहर अलाव जलाकर और पहरा लगाकर रातें काट रहे हैं, ताकि किसी अनहोनी को रोका जा सके।
जैसे ही सूचना मिली, वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दल ने नुकसान का निरीक्षण किया, मुआवजा प्रकरण की प्रक्रिया शुरू की और ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। छपरा गांव के सरपंच अनिल अनंत ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्गा मंदिर के पास गंगाबाई के कच्चे मकान को हाथियों ने तहस-नहस कर डाला। सौभाग्य से महिला और बच्चे बाल-बाल बच गए हैं। मुआवजा के लिए विभाग को रिपोर्ट दे दी गई है।
एटीआर प्रबंधन लगातार ग्रामीणों को सचेत कर रहा है कि भीड़ न जुटाएं, हाथियों को उकसाने की कोशिश न करें और लगातार सतर्क रहें। फिलहाल गांव के लोग डरे हुए हैं और हाथियों की हर हरकत पर निगाह रख रहे हैं, क्योंकि खतरा अभी टला नहीं है।