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छत्तीसगढ़ में बड़ा आईटी एक्शन: लोहा कारोबारियों के 50 ठिकानों पर रेड, रायपुर–दुर्ग–बिलासपुर–रायगढ़ में दबिश, दस्तावेजों की गहन जांच शुरू

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छत्तीसगढ़ में एक बार फिर बड़ी आर्थिक जांच एजेंसियों की गतिविधि तेज हो गई है। बुधवार की सुबह आयकर विभाग ने राज्य के चार प्रमुख जिलों—रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और रायगढ़—में लोहा और स्टील कारोबार से जुड़े व्यापारियों के 50 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। स्पंज आयरन यूनिट, स्टील रोलिंग मिलों, पॉवर प्लांट संचालकों और जमीन कारोबारियों पर यह कार्रवाई केंद्रित है।

छापे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए 100 से अधिक CRPF जवान तैनात किए गए हैं। हर ठिकाने पर घर, दफ्तर और फैक्टरियों में रखे दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। आयकर विभाग की कई टीमें अलग-अलग जगहों पर समन्वय के साथ ऑपरेशन को अंजाम दे रही हैं, जिससे स्पष्ट है कि कार्रवाई की योजना काफी पहले से बनाई गई थी।

इस रेड का दायरा जमीन कारोबारियों तक भी फैला हुआ है, जिनके ठिकानों पर भी विभाग की टीमें पहुंची हैं। जमीन खरीद–फरोख्त से लेकर उद्योगों में निवेश तक, सभी वित्तीय लेनदेन से जुड़े कागजातों को खंगाला जा रहा है, ताकि टैक्स चोरी या अनियमितता से जुड़े किसी भी पहलू को चिन्हित किया जा सके।

पिछले 15 दिनों में तीसरी बड़ी कार्रवाई
इस आईटी रेड से पहले, Enforcement Directorate और ACB–EOW भी राज्य में सक्रिय रही हैं। 30 नवंबर को ED ने देशभर के 8 राज्यों में मेडिकल कॉलेज मान्यता रिश्वत घोटाले को लेकर छत्तीसगढ़ में कई ठिकानों पर छापे मारे थे। इस दौरान रायपुर स्थित रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज भी जांच के दायरे में आया। यहां से मोबाइल फोन, DVR, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। कॉलेज के डायरेक्टर अतुल कुमार तिवारी से पूछताछ भी की गई। ED की टेक्निकल टीम अभी भी जब्त किए गए डिजिटल सबूतों का विश्लेषण कर रही है।

इसके सिर्फ 11 दिन पहले, 24 नवंबर को ACB–EOW ने राज्य के पांच जिलों—रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोंडागांव और अंबिकापुर—में करीब 19 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। यह कार्रवाई दो बड़े मामलों से जुड़ी थी:
पहला, DMF घोटाला, जिसमें हरपाल सिंह अरोड़ा और उनसे जुड़े लोगों के 11 ठिकानों पर दबिश दी गई;
और दूसरा, शराब घोटाले से संबंधित मामला, जिसमें अनिल टुटेजा और निरंजन दास के परिजनों से जुड़े रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और बस्तर के 8 ठिकानों पर छापे मारे गए।

लगातार कड़े होते जा रहे जांच के दायरे
पिछले कुछ हफ्तों में राज्य में बार-बार हो रही इन बड़े पैमाने की छापेमारी से स्पष्ट हो रहा है कि केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियां आर्थिक अनियमितताओं, उद्योगों में टैक्स चोरी, और कथित घोटालों को लेकर बेहद सक्रिय हैं। खासकर स्टील उद्योग और मेडिकल एजुकेशन सेक्टर पर लगातार कार्रवाई बताते हैं कि इन क्षेत्रों में अनियमितताओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

छत्तीसगढ़ में आयकर विभाग की आज की कार्रवाई अभी जारी है और उम्मीद है कि दस्तावेजों की जांच के बाद कई महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं। फिलहाल IT टीमें हर ठिकाने पर वित्तीय रिकॉर्ड को बारीकी से खंगाल रही हैं और सुरक्षा बलों की तैनाती से यह स्पष्ट है कि अगले कुछ दिनों तक यह ऑपरेशन जारी रह सकता है।

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