रोहतक में शनिवार सुबह एक ऐसा हादसा हुआ जिसने हर देखने–सुनने वाले को भीतर तक हिला दिया। किलोई–पोलंगी रोड पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी, जिस पर 52 वर्षीय जगदीप और उनकी 14 वर्षीय बेटी दीक्षा सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े और अगले ही पल ट्रक का पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। मौके पर ही दोनों ने दम तोड़ दिया। घटना स्थल पर फैला सन्नाटा उस क्षण की भयावहता को बयां कर रहा था, जबकि चालक हादसे के तुरंत बाद ट्रक छोड़कर फरार हो गया।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में मिले दस्तावेजों के आधार पर मृतकों की पहचान सोनीपत निवासी जगदीप और उनकी बेटी दीक्षा के रूप में हुई। जांच में पता चला कि जगदीप पिछले दो वर्षों से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे और शनिवार सुबह अपनी नियमित डायलिसिस के लिए बेटी संग रोहतक के पॉजिट्रॉन अस्पताल जा रहे थे। जीवन को बचाने की उम्मीद में निकली यह यात्रा सड़क पर ही सांसें छोड़ गई।
परिवार में इस घटना से मातम पसर गया है। जगदीप की मौत ने न सिर्फ उनकी पत्नी और परिवार को बेसहारा कर दिया, बल्कि उनकी छह बेटियों के सिर से पिता की छाया भी अचानक छीन ली। भतीजे अमित ने बताया कि जगदीप बीते कई महीनों से बीमारी से लड़ते हुए भी अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की पूरी कोशिश करते थे। लेकिन तेज रफ्तार और लापरवाही के एक पल ने उनका सब कुछ छीन लिया।
SHO सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश तेज कर दी गई है। घटना के दौरान सड़क सुनसान थी, इसीलिए चालक मौके का फायदा उठाकर भाग गया। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी और रूट की जांच शुरू कर दी है ताकि आरोपी की पहचान जल्द से जल्द की जा सके।
रोहतक की इस सुबह ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी—एक बाप जो इलाज के लिए निकल पड़ा था और उसकी मासूम बेटी, दोनों ने सड़क पर ही जीवन खो दिया। तेज रफ्तार के एक झटके ने फिर वही पुराना सवाल खड़ा कर दिया: आखिर कब सड़कें सुरक्षित होंगी, कब किसी की लापरवाही मासूम जिंदगियों की कीमत लेना बंद करेगी?