देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो के ऑपरेशन में शनिवार को भी सुधार नजर नहीं आया। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, देश के चार बड़े एयरपोर्ट समेत कई शहरों से 400 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द की जा चुकी हैं। इससे पहले दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई एयरपोर्ट पर यात्रियों को रातभर परेशान होना पड़ा। पिछले चार दिनों में रद्द उड़ानों का आंकड़ा 2,000 के पार पहुंच गया है। प्रतिदिन करीब 500 फ्लाइट्स लेट हो रही हैं।
सरकार ने किराया बढ़ने पर लगाई लिमिट
इंडिगो संकट के बीच केंद्र सरकार ने हवाई किराए में अचानक बढ़ोतरी को देखते हुए किराया सीमा लागू कर दी है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी एयरलाइंस तय सीमा का सख्ती से पालन करें और हालात सामान्य होने तक यह लिमिट लागू रहेगी।
सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने कहा कि नए एफडीटीएल (FDTL) नियम 1 नवंबर से लागू हैं, लेकिन अन्य एयरलाइनों को समस्या नहीं हुई है, जिससे साफ है कि लापरवाही इंडिगो की है। मंत्रालय ने कहा कि इस मामले की जांच कर कार्रवाई तय की जाएगी।
सरकार का इंडिगो को पेंडिंग रिफंड पूरा करने का आदेश
सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने इंडिगो को सभी पेंडिंग पैसेंजर रिफंड बिना देर किए क्लियर करने का निर्देश दिया है। मिनिस्ट्री ने आदेश दिया है कि सभी कैंसिल या रुकी हुई फ्लाइट्स के लिए रिफंड प्रोसेस रविवार, 7 दिसंबर 2025 को रात 8:00 बजे तक पूरी हो जानी चाहिए।
एयरलाइंस को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे उन पैसेंजर्स से कोई रीशेड्यूलिंग चार्ज न लें जिनके ट्रैवल प्लान कैंसिलेशन से प्रभावित हुए हैं। मिनिस्ट्री ने साफ किया है कि रिफंड प्रोसेसिंग में किसी भी तरह की देरी या नियमों का पालन न करने पर तुरंत रेगुलेटरी एक्शन लिया जाएगा।
कौन-से नियम बने संकट की वजह?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 1 नवंबर से पायलट और क्रू की फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) में बदलाव किए। इसके तहत पायलटों को अधिक आराम देने पर जोर दिया गया था, जबकि सुरक्षा बढ़ाने के लिए सख्त समयसीमा तय कर दी गई थी। ये नियम चरणों में लागू किए गए। पहला 1 जुलाई और दूसरा 1 नवंबर से लागू हुआ।
नए नियम लागू होने के बाद इंडिगो में पायलट और क्रू की कमी हो गई। DGCA ने 10 फरवरी 2026 तक इंडिगो को वीकली रेस्ट में राहत देते हुए पुराने फैसले को अस्थायी रूप से वापस ले लिया है।
किराए में भारी उछाल
इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने से कई रूट्स पर किराए अचानक बढ़ गए।
- दिल्ली-मुंबई: 60,000 रुपए (एयर इंडिया)
- चेन्नई-दिल्ली: 41,000 रुपए (इंडिया एक्सप्रेस)
- स्पाइसजेट: 69,000 रुपए तक
यात्रियों को दूसरे टिकट बुक करने पड़ रहे हैं, जिससे लास्ट मिनट किराया तेजी से बढ़ा है।
सरकार की चेतावनी
सरकार ने कहा कि कुछ एयरलाइंस हाई फेयर वसूल रही हैं, जो चिंता का विषय है। इसलिए किराए की रियल टाइम मॉनिटरिंग के साथ ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स पर भी नजर रखी जा रही है। यदि तय सीमा से अधिक वसूली की गई, तो इस पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का मकसद अवसरवादी प्राइसिंग को रोकना है और वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों व मरीजों को राहत देना है ताकि उन्हें आर्थिक बोझ न झेलना पड़े।