भारत में बड़े टेक निवेशों की रफ्तार अब और तेज हो गई है। Amazon ने ऐलान किया है कि वह साल 2030 तक भारत में करीब 35 बिलियन डॉलर यानी ₹3.14 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश करेगी। यह निवेश खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिजिटल बदलाव, एक्सपोर्ट ग्रोथ और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर केंद्रित होगा। इस घोषणा के साथ ही यह साफ हो गया है कि आने वाले वर्षों में भारत अमेजन की ग्लोबल स्ट्रैटेजी का सबसे अहम केंद्र बनने जा रहा है।
यह बड़ा ऐलान अमेजन की सालाना SMBhav समिट में किया गया, जहां कंपनी ने अपने छोटे कारोबार साझेदारों और MSME सेक्टर के लिए भविष्य की योजनाओं का विस्तार से खाका पेश किया। कंपनी ने बताया कि 2013 से अब तक वह भारत में कुल 40 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹3.59 लाख करोड़ का निवेश कर चुकी है, जिसमें कर्मचारियों की सैलरी, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, डेटा सेंटर्स और टेक इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। अब 2030 तक का नया निवेश इस दौड़ को और तेज कर देगा।
अमेजन का यह नया फंड तीन बड़े स्तंभों पर टिका होगा। पहला, AI के जरिए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को तेज करना ताकि छोटे कारोबारी भी आधुनिक टेक्नोलॉजी से जुड़ सकें। दूसरा, मेड-इन-इंडिया प्रोडक्ट्स को ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाकर एक्सपोर्ट को कई गुना बढ़ाना। तीसरा, बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा कर भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ताकत देना।
इस महीने ही अमेजन ने 12.7 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹1.14 लाख करोड़ के निवेश का ऐलान AI और AWS के लिए किया था, जिसमें तेलंगाना और महाराष्ट्र में डेटा सेंटर्स के विस्तार की योजना शामिल है। आने वाले वर्षों में यह निवेश लॉजिस्टिक्स, स्टोरेज, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और छोटे कारोबारियों को सपोर्ट देने वाली सुविधाओं में लगाया जाएगा।
की-स्टोन स्ट्रेटेजी की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक अमेजन 1.2 करोड़ से ज्यादा छोटे कारोबारों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ चुकी है और लगभग 20 बिलियन डॉलर यानी ₹1.79 लाख करोड़ के ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट को सक्षम बना चुकी है। अब AI के जरिए इस नेटवर्क को और मजबूत करने की तैयारी है।
AI को अमेजन भारत के लिए एक बड़े गेम-चेंजर के रूप में देख रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि करीब 1.4 करोड़ छोटे कारोबारी और करोड़ों ग्राहक AI टूल्स का सीधा फायदा उठा सकें। इसमें लार्ज लैंग्वेज मॉडल की ट्रेनिंग, टेक इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटोमेशन सपोर्ट शामिल होगा। इसके साथ ही 40 लाख सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी AI एजुकेशन और करियर एक्सप्लोरेशन के मौके दिए जाएंगे, जिससे भविष्य की वर्कफोर्स और ज्यादा स्किल्ड बन सके।
एक्सपोर्ट को नई ऊंचाई देने के लिए अमेजन ने SMBhav समिट में अपेरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ साझेदारी का भी ऐलान किया है। इसके तहत तिरुपुर, कानपुर और सूरत जैसे 10 से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स में ऑन-ग्राउंड ऑनबोर्डिंग कराई जाएगी, ताकि छोटे मैन्युफैक्चरर्स सीधे ग्लोबल मार्केट में अपने प्रोडक्ट बेच सकें।
अमेजन के इमर्जिंग मार्केट्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अमित अग्रवाल ने कहा कि बीते 15 सालों में अमेजन भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का अहम हिस्सा रही है और आगे भी आत्मनिर्भर और विकसित भारत के विजन के साथ कंपनी की ग्रोथ पूरी तरह मेल खाती है। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में अमेजन करीब 10 लाख नई नौकरियां पैदा करेगी और ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट को 80 बिलियन डॉलर यानी ₹7.18 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
2013 में भारत में मार्केटप्लेस लॉन्च करने के बाद से अमेजन ने यहां तेजी से अपना दायरा बढ़ाया है। 2024 की की-स्टोन स्ट्रेटेजी रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अब तक 28 लाख से ज्यादा डायरेक्ट, इंडायरेक्ट और सीजनल नौकरियों को सपोर्ट कर चुकी है। यही वजह है कि भारत को अब अमेजन अपने सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते बाजार के रूप में देख रही है।
2030 तक अमेजन का रोडमैप साफ है—AI के जरिए छोटे कारोबारों को सशक्त बनाना, लाखों युवाओं को स्किल्स देना, 10 लाख से ज्यादा नई नौकरियां तैयार करना और भारत को ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट का ग्लोबल हब बनाना। यह निवेश आने वाले दशक में भारत की डिजिटल और आर्थिक तस्वीर को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है।