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IND vs SA: धमाकेदार कमबैक के बाद बोले हार्दिक पंड्या– “मैं क्या चाहता, ये मायने नहीं रखता… भारत की जरूरत सबसे बड़ी है”

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भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए पहले टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने ऐसा ज़ोरदार प्रदर्शन किया कि मैदान पर एकतरफा मुकाबले की तस्वीर साफ नजर आई। भारत ने यह मैच 101 रन के बड़े अंतर से जीत लिया और इस जीत के सबसे बड़े हीरो रहे Hardik Pandya। लंबे समय बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी कर रहे हार्दिक ने न सिर्फ बल्ले से तूफान मचाया, बल्कि गेंद से भी अहम योगदान दिया। उन्होंने 28 गेंदों पर नाबाद 59 रन ठोके और इसके साथ एक विकेट भी चटकाया। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

मैच के बाद हार्दिक पंड्या के चेहरे पर संतोष साफ नजर आ रहा था। उन्होंने कहा कि इस मुकाबले में उनका आत्मविश्वास लौटकर आया है। उन्होंने अपनी बैटिंग के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने शॉट्स पर पूरा भरोसा रखा। उन्हें महसूस हुआ कि पिच में थोड़ी जान है और ऐसे में ताकत से मारने के बजाय सही टाइमिंग ज़्यादा जरूरी थी। यही वजह रही कि उन्होंने समझदारी से बल्लेबाजी की और उसका नतीजा भी सामने आया।

अपनी फिटनेस को लेकर हार्दिक ने खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि बीते छह से सात महीने उनके लिए फिटनेस के लिहाज से बेहद अहम रहे। पिछले करीब 50 दिन उन्होंने NCA में रहकर अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत की। परिवार से दूर रहकर सिर्फ एक ही फोकस था कि शरीर पूरी तरह मैच-फिट बन सके। हार्दिक के मुताबिक जब इतनी मेहनत के बाद मैदान पर ऐसे नतीजे मिलते हैं, तो यह बेहद सुकून देने वाला अहसास होता है।

पावरप्ले में गेंदबाजी और टीम में अपनी भूमिका को लेकर हार्दिक ने एक ऐसा बयान दिया, जो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। उन्होंने कहा, “मैंने कभी इस बात की चिंता नहीं की कि इस टीम में मेरी भूमिका क्या है। मेरे लिए यह अहम नहीं कि हार्दिक पंड्या क्या चाहता, असली बात यह है कि भारत को उस वक्त क्या चाहिए। मैं हमेशा इसी सोच के साथ खेलता हूं और यही माइंडसेट मुझे आगे बढ़ाता है।” उन्होंने साफ कहा कि टीम को अपने से ऊपर रखना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है।

साउथ अफ्रीका के स्पिनर Keshav Maharaj के खिलाफ खेले गए अटैकिंग शॉट को लेकर भी हार्दिक ने दिलचस्प खुलासा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अंदाजा था कि गेंद उस लाइन में आएगी, जहां वह बड़ा शॉट खेल सकते हैं। उन्होंने पहले से कोई खास प्लान नहीं बनाया था, बस गेंद अगर उनके एरिया में आई तो उसे पूरे भरोसे के साथ खेला। उन्होंने रिस्क लिया और उसका फायदा भी मिला। हार्दिक के मुताबिक यही क्रिकेट की समझ होती है कि कौन सा गेंदबाज कब अटैक करने लायक है।

कुल मिलाकर यह मुकाबला हार्दिक पंड्या के लिए सिर्फ एक शानदार पारी नहीं, बल्कि एक मजबूत वापसी का ऐलान भी बन गया। चोट, आलोचना और लंबे रिहैब के दौर के बाद जिस अंदाज में उन्होंने टीम इंडिया के लिए खेल दिखाया, उसने यह साफ कर दिया कि वह सिर्फ मैच विनर ही नहीं, बल्कि टीम की जरूरत को अपनी चाहत से ऊपर रखने वाले सच्चे टीम प्लेयर भी हैं।

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