Meta Pixel

IndiGo Crisis: इंडिगो पर DGCA की सख्ती तेज, CEO पीटर एल्बर्स को एक बार फिर किया तलबदेश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo इन दिनों अभूतपूर्व परिचालन संकट से जूझ रही है। लगातार उड़ानों के रद्द होने, यात्रियों की बढ़ती परेशानियों और एयरपोर्ट पर अव्यवस्था के बीच अब नागरिक उड्डयन नियामक DGCA ने कड़ा रुख अपनाते हुए एयरलाइन के सीईओ पीटर एल्बर्स को एक बार फिर तलब किया है। DGCA ने उन्हें गुरुवार दोपहर 3 बजे व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है और साफ कर दिया है कि इस बार कोई भी अधूरी जानकारी स्वीकार नहीं की जाएगी। नियामक एजेंसी ने इंडिगो से ऑपरेशनल बाधाओं, फ्लाइट कैंसिलेशन, यात्रियों को दिए जाने वाले रिफंड की स्थिति, क्रू की उपलब्धता और हालात को सामान्य करने के लिए तैयार किए गए रिकवरी प्लान का पूरा और विस्तृत डेटा साथ लेकर आने को कहा है। DGCA का साफ संकेत है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस जवाब और स्पष्ट कार्ययोजना चाहिए। यह संकट अब लगातार नौवें दिन भी थमता दिखाई नहीं दे रहा है। मंगलवार को इंडिगो की ओर से यह दावा जरूर किया गया था कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन बुधवार को जमीनी हालात इससे बिल्कुल उलट नजर आए। बैंगलुरू एयरपोर्ट से अकेले एक दिन में 61 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें 35 आगमन और 26 प्रस्थान शामिल थे। इससे सैकड़ों यात्री घंटों तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे। सोशल मीडिया पर यात्रियों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। कई लोग शिकायत कर रहे हैं कि उनकी फ्लाइट बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक रद्द कर दी गई। कुछ रूट्स पर टिकटों के दाम अचानक कई गुना बढ़ गए, जिससे यात्रियों की जेब पर दोहरी मार पड़ी। एयरपोर्ट पर भारी भीड़, कन्फ्यूजन और कर्मचारियों की कमी जैसी समस्याएं भी खुलकर सामने आ रही हैं। इस पूरे संकट की जड़ 1 दिसंबर से लागू हुए नए सुरक्षा और क्रू-ड्यूटी नियमों को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इंडिगो इन नए नियमों के हिसाब से अपनी क्रू प्लानिंग समय पर तैयार नहीं कर पाई। इसका सीधा असर फ्लाइट शेड्यूल पर पड़ा और देखते ही देखते हजारों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। बेहतर प्लानिंग के अभाव ने पूरे नेटवर्क को हिला कर रख दिया। अब DGCA की सख्ती से यह साफ हो गया है कि इंडिगो को सिर्फ सफाई देने से काम नहीं चलेगा। यात्रियों की सुरक्षा, सुविधाओं और भरोसे को दोबारा बहाल करने के लिए एयरलाइन को ठोस और भरोसेमंद समाधान पेश करना होगा। गुरुवार को होने वाली पीटर एल्बर्स की पेशी यह तय करेगी कि आने वाले दिनों में इंडिगो पर नियामक शिकंजा और कसता है या संकट से बाहर निकलने का कोई स्पष्ट रास्ता निकलता है।

Spread the love

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo इन दिनों अभूतपूर्व परिचालन संकट से जूझ रही है। लगातार उड़ानों के रद्द होने, यात्रियों की बढ़ती परेशानियों और एयरपोर्ट पर अव्यवस्था के बीच अब नागरिक उड्डयन नियामक DGCA ने कड़ा रुख अपनाते हुए एयरलाइन के सीईओ पीटर एल्बर्स को एक बार फिर तलब किया है। DGCA ने उन्हें गुरुवार दोपहर 3 बजे व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है और साफ कर दिया है कि इस बार कोई भी अधूरी जानकारी स्वीकार नहीं की जाएगी।

नियामक एजेंसी ने इंडिगो से ऑपरेशनल बाधाओं, फ्लाइट कैंसिलेशन, यात्रियों को दिए जाने वाले रिफंड की स्थिति, क्रू की उपलब्धता और हालात को सामान्य करने के लिए तैयार किए गए रिकवरी प्लान का पूरा और विस्तृत डेटा साथ लेकर आने को कहा है। DGCA का साफ संकेत है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस जवाब और स्पष्ट कार्ययोजना चाहिए।

यह संकट अब लगातार नौवें दिन भी थमता दिखाई नहीं दे रहा है। मंगलवार को इंडिगो की ओर से यह दावा जरूर किया गया था कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन बुधवार को जमीनी हालात इससे बिल्कुल उलट नजर आए। बैंगलुरू एयरपोर्ट से अकेले एक दिन में 61 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें 35 आगमन और 26 प्रस्थान शामिल थे। इससे सैकड़ों यात्री घंटों तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे।

सोशल मीडिया पर यात्रियों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। कई लोग शिकायत कर रहे हैं कि उनकी फ्लाइट बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक रद्द कर दी गई। कुछ रूट्स पर टिकटों के दाम अचानक कई गुना बढ़ गए, जिससे यात्रियों की जेब पर दोहरी मार पड़ी। एयरपोर्ट पर भारी भीड़, कन्फ्यूजन और कर्मचारियों की कमी जैसी समस्याएं भी खुलकर सामने आ रही हैं।

इस पूरे संकट की जड़ 1 दिसंबर से लागू हुए नए सुरक्षा और क्रू-ड्यूटी नियमों को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इंडिगो इन नए नियमों के हिसाब से अपनी क्रू प्लानिंग समय पर तैयार नहीं कर पाई। इसका सीधा असर फ्लाइट शेड्यूल पर पड़ा और देखते ही देखते हजारों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। बेहतर प्लानिंग के अभाव ने पूरे नेटवर्क को हिला कर रख दिया।

अब DGCA की सख्ती से यह साफ हो गया है कि इंडिगो को सिर्फ सफाई देने से काम नहीं चलेगा। यात्रियों की सुरक्षा, सुविधाओं और भरोसे को दोबारा बहाल करने के लिए एयरलाइन को ठोस और भरोसेमंद समाधान पेश करना होगा। गुरुवार को होने वाली पीटर एल्बर्स की पेशी यह तय करेगी कि आने वाले दिनों में इंडिगो पर नियामक शिकंजा और कसता है या संकट से बाहर निकलने का कोई स्पष्ट रास्ता निकलता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *