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‘बॉलीवुड में मुझसे मौके छीने गए’—प्रियंका चोपड़ा का बड़ा खुलासा, बोलीं: शुरुआती दिनों में ना कहना संभव ही नहीं था, अब मेरे पास चुनने की आज़ादी है

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प्रियंका चोपड़ा आज ग्लोबल आइकन बन चुकी हैं—हॉलीवुड और बॉलीवुड दोनों में अपनी मजबूत पहचान कायम करने वाली प्रियंका सिर्फ अपने अभिनय के लिए ही नहीं, बल्कि निर्भीकता से अपनी बात रखने के लिए भी जानी जाती हैं। हाल ही में अबू धाबी में आयोजित ब्रिज समिट में उन्होंने अपने करियर के शुरूआती सफर पर गहराई से बात की और उन चुनौतियों का ज़िक्र किया जिनसे गुज़रकर उन्होंने अपनी वर्तमान जगह बनाई है।

समिट में प्रियंका ने साफ शब्दों में कहा कि उनके करियर की शुरुआत आसान नहीं थी। उन्होंने बताया कि उन दिनों उनके पास ‘ना’ कहने जैसा कोई अधिकार नहीं था। हर काम, हर मौका उनके लिए एक अनमोल अवसर था, इसलिए वे बिना सोचे हर ऑफर स्वीकार कर लेती थीं। लेकिन सच्चाई यह थी कि कई मौके उन्हें दिए ही नहीं जाते थे—बल्कि उनसे छीन लिए जाते थे। वे कहती हैं कि एक समय ऐसा भी आया जब लगातार छह फिल्में फ्लॉप हो गईं, और इसी वजह से निर्माता उन्हें कास्ट करने से डरने लगे। उद्योग में यह धारणा बनने लगी थी कि अगर वे फिल्म में होंगी तो शायद फिल्म अच्छा प्रदर्शन न करे। ऐसी स्थिति में प्रियंका को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी और अपनी सुविधा वाले दायरे से बाहर निकलकर नए रास्तों की तलाश करनी पड़ी। उनके अनुसार, उनके बदलाव चुनावों की वजह से नहीं, बल्कि survival की मजबूरी से पैदा हुए थे।

प्रियंका ने आगे बताया कि कैरियर की शुरुआत में उन्होंने हर उस काम को स्वीकार किया जो उनके सामने आया, क्योंकि उनके लिए काम मिलना ही अपने आप में एक विशेषाधिकार था। वे लगातार यात्रा करती रहीं, अनगिनत महत्वपूर्ण पारिवारिक पलों को मिस करती रहीं, सिर्फ इसलिए कि काम ठुकराना उनके लिए कोई विकल्प नहीं था। लेकिन समय के साथ उनकी स्थिति बदली और उनका अनुभव तथा सफलता उन्हें उस मुकाम पर ले आई जहाँ वे सोच-समझकर निर्णय ले सकती हैं। अब वे हर प्रोजेक्ट को स्वीकार करने से पहले उसके फायदे, नुकसान, अपने परिवार, मानसिक शांति और दीर्घकालिक प्रभाव के बारे में विचार करती हैं। उनका कहना है कि यही वह तरीका है जिससे कोई अपना भविष्य सुरक्षित रख सकता है।

प्रियंका का यह आत्मस्वीकृत बयान न सिर्फ उनके संघर्षों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि चमकदार दिखने वाली फिल्म इंडस्ट्री कितनी कठोर हो सकती है। आज वे दुनिया भर में भारतीय प्रतिभा का चेहरा हैं, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने असंख्य बाधाओं को पार किया है।

उनके आगामी प्रोजेक्ट्स की बात करें तो प्रियंका जल्द ही एस.एस. राजामौली की महत्वाकांक्षी फिल्म ‘वाराणसी’ में दिखाई देंगी। इस फिल्म में महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे बड़े नाम भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म फिलहाल निर्माणाधीन है और 2027 के मकर संक्रांति पर रिलीज होने वाली है। इसके अलावा वे अमेरिकी स्पाई-एक्शन सीरीज़ ‘सिटाडेल’ के दूसरे सीजन में भी नजर आएंगी। लगभग सात साल बाद भारतीय प्रोजेक्ट में उनकी वापसी उनके फैंस के लिए एक बड़े उत्साह का कारण बन गई है।

प्रियंका चोपड़ा की यह यात्रा बताती है कि सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचने के लिए सिर्फ प्रतिभा ही पर्याप्त नहीं होती—दृढ़ता, संघर्ष और हिम्मत भी उतने ही जरूरी हैं।

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