शेयर बाजार ने मंगलवार, 11 दिसंबर की शुरुआत मजबूती के साथ की। शुरुआती घंटे में सेंसेक्स करीब 300 अंकों की छलांग लगाकर 84,700 के आसपास ट्रेड करता दिखाई दिया। निफ्टी ने भी सकारात्मक रफ्तार पकड़ी और 25,850 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले कुछ सत्रों की अनिश्चितता के बाद आज बाजार में बैंकिंग, ऑटो और एनर्जी सेक्टर के शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व संभाल लिया है, जिससे निवेशकों के मनोभाव में सुधार देखने को मिला।
बाजार की यह मजबूती ऐसे समय में आई है जब वैश्विक संकेत पूरी तरह एक दिशा में नहीं हैं। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई इंडेक्स 0.58% फिसलकर 50,308 पर पहुंच गया, जबकि कोरिया का कोस्पी 0.63% कमजोर होकर 4,109 पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, हांगकांग का हैंगसेंग थोड़ा संभला और 0.12% की मामूली बढ़त के साथ 25,571 पर नजर आया। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी 0.36% की गिरावट के साथ 3,886 पर है।
अमेरिका से मिले संकेत अपेक्षाकृत बेहतर थे। 10 दिसंबर को डाउ जोन्स 1.05% की तेज़ी के साथ 48,057 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डेक कंपोजिट सूचकांक 0.33% और एसऐंडपी 500 इंडेक्स 0.67% की बढ़त के साथ बंद हुए। इन संकेतों ने भारतीय बाजारों की शुरुआती धारणा को थोड़ा सहारा जरूर दिया।
इसी बीच, निवेशकों की नजर एक बड़े इवेंट की ओर भी टिकी है। ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी का बहुप्रतीक्षित IPO 12 दिसंबर से खुलने जा रहा है। रिटेल निवेशक 16 दिसंबर तक इसमें बोली लगा सकेंगे। इस इश्यू के जरिए कंपनी 10,600 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल पर आधारित है, जिसमें प्रूडेंशियल कॉरपोरेशन अपनी 9.9% हिस्सेदारी बेच रही है।
फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स की गतिविधियां भी बाजार को प्रभावित कर रही हैं। दिसंबर महीने में 10 तारीख तक विदेशी निवेशकों ने 16,470 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। अकेले 10 दिसंबर को ही उन्होंने 1,674 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशक लगातार सपोर्ट दे रहे हैं। DIIs ने 3,498 करोड़ रुपये की खरीदारी की और दिसंबर में अब तक कुल 32,305 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को स्थिर रखा है। नवंबर में भी यही रुझान देखा गया था, जब FIIs ने भारी बिकवाली की थी जबकि DIIs ने रिकॉर्ड खरीदारी से बाजार को सहारा दिया था।
बाजार ने सोमवार को हालांकि दबाव झेला था। 10 दिसंबर को सेंसेक्स 275 अंकों की गिरावट के साथ 84,391 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी 82 अंक टूटकर 25,758 के स्तर पर आ गया था। लेकिन आज की उछाल यह बताती है कि घरेलू निवेशकों का भरोसा अभी भी कायम है और सेक्टोरल लीडर्स बाजार को मजबूती देने में जुटे हुए हैं।
कुल मिलाकर, वैश्विक उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय बाजार फिलहाल घरेलू निवेशकों और चुनिंदा सेक्टरों की मजबूती के सहारे टिके नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में IPO गतिविधियां, वैश्विक ब्याज दर संकेत और FII पोर्टफोलियो मूवमेंट बाजार की दिशा तय करेंगे।