बॉडीबिल्डर रोहित धनखड़ की हत्या के बाद से परिवार और खाप प्रतिनिधियों के बीच गुस्सा और पीड़ा लगातार बढ़ रही थी। न्याय की मांग को लेकर उठी आवाजों ने पुलिस प्रशासन को भी सक्रिय कर दिया है। गुरुवार का दिन इस मामले में बेहद अहम साबित हुआ, जब रोहतक रेंज के आईजी समरदीप सिंह खुद रोहित धनखड़ के घर पहुंचे और परिवार को भरोसा दिलाया कि जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी तय समय से पहले भी संभव है। यह कदम यह स्पष्ट करता है कि उच्च स्तर पर इस संवेदनशील केस को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है।
इस मुलाकात की पृष्ठभूमि 9 दिसंबर को बने माहौल से जुड़ी है, जब राष्ट्रीय धनखड़ खाप, क्षेत्रीय पंचायतों और पीड़ित परिवार ने चंडीगढ़ में हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह से मुलाकात की थी। उस भावनात्मक बैठक में परिवार ने साफ शब्दों में कहा था कि वे अपने बेटे के लिए सिर्फ न्याय चाहते हैं, और यह भी पूछा था कि आखिर मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी में इतना समय क्यों लग रहा है। परिवार ने डीजीपी से तत्काल कार्रवाई की मांग की और जांच को कई मोर्चों पर मजबूत करने का आग्रह किया।
परिवार और खाप की मांगों को सुनने के बाद डीजीपी ने बिना देरी किए आईजी समरदीप सिंह को स्पष्ट आदेश दिए कि वे रोहतक जाकर परिवार से मिलें, जांच की प्रगति बताएं और यह भरोसा दिलाएं कि एक सप्ताह की तय समय सीमा के भीतर सभी अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित होगी। इसी आदेश के बाद गुरुवार सुबह 11 बजे आईजी स्वयं रोहित धनखड़ के घर पहुंचे।
मुलाकात के दौरान आईजी ने सबसे पहले रोहित की मां से बात की और उनके दर्द को ध्यान से सुना। उन्होंने परिवार को बताया कि पुलिस की कई टीमें लगातार आरोपियों के बेहद नजदीक पहुंच रही हैं, कई जगहों पर दबिश दी जा रही है और नामजद आरोपियों सहित सभी संदिग्धों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आईजी ने संकेत दिया कि यह संभव है कि गिरफ्तारियां समय सीमा खत्म होने का इंतजार किए बिना भी सामने आ जाएं। उनके अनुसार, पुलिस हर दिशा में तेजी से काम कर रही है और कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लग चुके हैं।
आईजी समरदीप सिंह ने परिवार को यह भी भरोसा दिया कि हरियाणा पुलिस इस मामले को सिर्फ एक केस की तरह नहीं देख रही, बल्कि उसकी संवेदनशीलता और सामाजिक प्रभाव को पूरी गंभीरता के साथ समझ रही है। उन्होंने कहा कि न्याय की राह में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और विभाग की पूरी ताकत आरोपियों को कानून के घेरे में लाने में लगी है।
परिवार ने इस दौरान अपनी पीड़ा और नाराजगी भी खुलकर सामने रखी। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि यदि रोहित किसी प्रभावशाली व्यक्ति का बेटा होता, किसी मंत्री या बड़े अधिकारी का परिवार होता, तो दोषियों को 24 घंटे के भीतर पकड़ लिया जाता। आईजी ने उनकी इन भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि पुलिस किसी को भी विशेषाधिकार के आधार पर नहीं, बल्कि कानून और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करती है, और इस केस में न्याय पूरी निष्ठा के साथ सुनिश्चित किया जाएगा।
रोहित धनखड़ की हत्या ने न सिर्फ परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में असुरक्षा और आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। प्रशासन की तरफ से तेज़ कदम और उच्च अधिकारियों का व्यक्तिगत हस्तक्षेप इस बात का संकेत है कि मामला अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहा है। परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही मुख्य अपराधी गिरफ्तार होंगे और उनके बेटे के लिए न्याय का रास्ता साफ होगा।