टाटा मोटर्स की नई SUV सिएरा ने भारतीय ऑटोमोबाइल इतिहास में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। इंदौर के नेट्रैक्स टेस्ट ट्रैक पर हुए माइलेज टेस्ट में इस कार ने 29.9 kmpl का अद्भुत औसत दर्ज किया, जो किसी भी पेट्रोल कार के लिए देश में अब तक का सबसे बड़ा फिगर है। इससे पहले 29.8 kmpl के साथ यह रिकॉर्ड फॉक्सवैगन टाइगुन के नाम था, लेकिन सिएरा ने इसे मामूली अंतर से पीछे छोड़ते हुए नया बेंचमार्क सेट कर दिया।
हाइपरियन पेट्रोल इंजन से लैस सिएरा ने लगातार 12 घंटे तक ड्राइव किए जाने के दौरान लगभग 800 किलोमीटर का सफर तय किया। यह उपलब्धि इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी शामिल हो गई है। माइलेज के साथ-साथ कार ने 222 kmph की टॉप स्पीड भी हासिल की, जिसे देखकर कार की परफॉर्मेंस क्षमता का अंदाज़ लगाया जा सकता है। हालांकि ग्राहकों की सुरक्षा के लिए इसकी इलेक्ट्रॉनिक लिमिट 190 kmph तक रखी जाएगी।
यह टेस्ट 30 नवंबर को इंदौर के बंद नेट्रैक्स ट्रैक पर किया गया। यहां किसी भी प्रकार के ट्रैफिक, स्पीड-ब्रेक या सड़क की खराबी का असर नहीं था। सुबह 7 से शाम 7 बजे तक प्रोफेशनल ड्राइवरों ने कार को चलाया और ब्रेक सिर्फ ड्राइवर बदलने के लिए लिए गए। औसत गति 65–70 kmph के बीच रखी गई, ताकि इंजन अपने आदर्श RPM पर काम कर सके। टाटा ने स्पष्ट किया है कि यह माइलेज कंट्रोल्ड कंडीशंस में हासिल हुआ है, वास्तविक सड़क परिस्थितियों में यह फिगर कम हो सकता है।
सिएरा का यह शानदार माइलेज इसके नए 1.5 लीटर TGDi हाइपरियन टर्बो-पेट्रोल इंजन की वजह से संभव हुआ है। यह 4-सिलेंडर इंजन 160 PS की पावर और 255 Nm का टॉर्क देता है। इंजन में एडवांस्ड कम्बशन सिस्टम, लो-फ्रिक्शन पार्ट्स और ब्रॉड टॉर्क बैंड शामिल हैं, जो ईंधन की दक्षता बढ़ाने और लॉन्ग रन में परफॉर्मेंस बनाए रखने में मदद करते हैं। यह इंजन 6-स्पीड ऑटोमैटिक के साथ उपलब्ध है।
टाटा सिएरा तीन इंजन विकल्पों में आती है—160 PS वाला यह टेस्टेड हाइपरियन इंजन, 106 PS का 1.5 लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन और 1.5 लीटर डीजल इंजन।
वहीं, टाइगुन का 29.8 kmpl माइलेज रिकॉर्ड 2024 में बनाए गए 24 घंटे के रन में दर्ज हुआ था, जिसमें 1300 किमी से अधिक की दूरी तय की गई थी। नेट्रैक्स पर हुई यह जंग बताती है कि आधुनिक टर्बो-पेट्रोल इंजनों में माइलेज और परफॉर्मेंस दोनों देने की क्षमता बढ़ती जा रही है।
ऑटो एक्सपर्ट मानते हैं कि ऐसे टेस्ट वास्तविक शहर या हाइवे परिस्थितियों का प्रतिनिधित्व नहीं करते, क्योंकि ट्रैफिक, ब्रेकिंग और स्पीड वेरिएशन माइलेज को 20–25% तक कम कर देते हैं। फिर भी, सिएरा का यह रिकॉर्ड भारतीय कार बाजार में एक बड़ा मील का पत्थर है—जो यह दिखाता है कि पेट्रोल इंजनों में फ्यूल एफिशिएंसी की दौड़ अभी खत्म नहीं हुई, बल्कि और तेज हो रही है।