ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर हुए भयावह आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। यह हमला यहूदी समुदाय के पवित्र पर्व हनुक्का के पहले दिन आयोजित धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम को निशाना बनाकर किया गया, जिसमें अब तक कम से कम 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 29 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस दिल दहला देने वाली घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है और ऑस्ट्रेलिया के प्रति भारत की एकजुटता जताई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस हमले को अमानवीय और घृणित करार देते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ अपराध है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि इस कठिन समय में भारत की जनता पूरी मजबूती के साथ ऑस्ट्रेलिया के लोगों के साथ खड़ी है।
आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के रुख को दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चलता है और इसके हर रूप, हर स्वरूप और हर अभिव्यक्ति के खिलाफ वैश्विक स्तर पर निर्णायक लड़ाई का समर्थन करता रहेगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि आतंकवाद जैसी चुनौती से निपटने के लिए सभी देशों को एकजुट होकर ठोस कदम उठाने होंगे।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए लिखा कि हनुक्का के पहले दिन जश्न मना रहे लोगों पर किया गया यह हमला न केवल ऑस्ट्रेलिया, बल्कि पूरी मानवता पर हमला है। उन्होंने कहा कि भारत इस दुख की घड़ी में ऑस्ट्रेलिया के साथ खड़ा है और पीड़ित परिवारों के दर्द को अपना दर्द मानता है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले के वक्त बॉन्डी बीच पर सैकड़ों लोग मौजूद थे। अचानक हुई अंधाधुंध फायरिंग से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी चपेट में आए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दिए, जबकि कई लोग घायलों को सीपीआर देने और प्राथमिक सहायता पहुंचाने की कोशिश करते नजर आए।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हमलावरों ने 50 से अधिक राउंड फायर किए। सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई में एक हमलावर को मौके पर ही ढेर कर दिया गया, जबकि दूसरे को गंभीर हालत में हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इस घटना को सुनियोजित आतंकी हमला बताते हुए गहन जांच शुरू कर दी है। बॉन्डी बीच की यह त्रासदी एक बार फिर दुनिया के सामने आतंकवाद की क्रूर सच्चाई को उजागर करती है और इस खतरे के खिलाफ वैश्विक एकजुटता की जरूरत को रेखांकित करती है।