मेंस अंडर-19 एशिया कप 2025 में भारत और मलेशिया के बीच दुबई में खेले जा रहे मुकाबले से पहले जो बातें कही गई थीं, उनका जवाब मैदान पर बल्ले से मिला। 14 साल के भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन इरादे और हुनर किसी बड़े खिलाड़ी से कम नहीं हैं। मैच से पहले मलेशिया के कप्तान डियाज पैट्रो ने यह कहकर सुर्खियां बटोरी थीं कि उन्होंने वैभव को जल्दी आउट करने की पूरी योजना बना रखी है और उन्हें ज्यादा देर तक क्रीज पर टिकने नहीं दिया जाएगा। लेकिन मुकाबला शुरू होते ही यह दावा पूरी तरह खोखला साबित हो गया।
टॉस जीतकर मलेशिया ने भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया। भारतीय पारी की शुरुआत आक्रामक अंदाज में हुई, हालांकि कप्तान आयुष म्हात्रे ज्यादा देर तक टिक नहीं सके। पहले ओवर में ही 14 रन बटोरने के बाद आयुष बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गए। उन्होंने सिर्फ 7 गेंदों में 14 रन बनाए और पवेलियन लौट गए। लेकिन उनके आउट होने के बाद भी भारतीय पारी की रफ्तार थमी नहीं, क्योंकि दूसरे छोर पर वैभव सूर्यवंशी पूरी तरह लय में नजर आ रहे थे।
वैभव ने शुरुआत से ही मलेशियाई गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और आक्रामक शॉट्स की झड़ी लगा दी। उन्होंने महज 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और वह भी 200 के स्ट्राइक रेट से। इस तूफानी पारी के दौरान वैभव ने 3 छक्के और 5 चौके जड़े, यानी उनके 50 में से 38 रन सिर्फ बाउंड्री से आए। जिस खिलाड़ी को जल्दी आउट करने की बात कही जा रही थी, उसी ने मलेशिया की गेंदबाजी योजना को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
हालांकि, अर्धशतक पूरा करने के बाद वैभव ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और इसी स्कोर पर उनका विकेट गिर गया। उन्हें मुहम्मद अकरम ने आउट किया। खबर लिखे जाने तक भारतीय टीम ने 3 विकेट खो दिए थे और स्कोर 96 रन तक पहुंच चुका था। इसके बावजूद मैच का सबसे बड़ा संदेश साफ था—मैच से पहले की चुनौती मैदान पर टिक नहीं पाई और वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपने बल्ले से आलोचकों और विरोधियों को करारा जवाब दिया।