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आने वाले समय में शिक्षा व व्यापार के क्षेत्र में तेजी से होगा विकास-मंत्री श्री यादव

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दुर्ग, 20 दिसम्बर 2025/ सस्टेनेबल इंडिया विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन आईआईटी भिलाई में किया गया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन में सतत विकास और समग्र सोच को केंद्र में रखकर विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक विचारकों, नवप्रवर्तकों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर सतत और पुनर्याेजी भविष्य की दिशा में संवाद स्थापित करना है। यह सम्मेलन ज्ञान, चेतना और प्रौद्योगिकी के समन्वय के माध्यम से सतत विकास की नई संभावनाओं को सामने लाएगा और भविष्य की नीतियों व सहयोगों को प्रेरित करेगा। इंटीग्रल डिजाइन की अवधारणा के अंतर्गत कॉन्शसनेस, टेक्नोलॉजी, रिसर्च एवं आर्किटेक्चर को सस्टेनेबल से जोड़ने पर केन्द्रित इस कॉन्फ्रेंस में भारत, सिंगापुर सहित विभिन्न देशों से पहंुचे विशेषज्ञों ने मंथन कर अपने विजन को साझा किए।
इस मौके पर मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने सस्टेनेबल इंडिया की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि टिकाऊ भारत का अर्थ है विश्वसनीय भारत। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने योग और प्राचीन भारतीय उपचार पद्धतियों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि योग से अधिक टिकाऊ कोई मेडिकल पद्धति नहीं है। योग की जननी भारत है और इसकी जड़ें हमारी समृद्ध संस्कृति में निहित हैं। उन्होंने प्राचीन काल और वर्तमान समय के बीच अंतर बताते हुए भारतीय संस्कृति और वेदों के महत्व को रेखांकित किया।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने नई उद्योग नीति लागू की है। छत्तीसगढ़ में बिजली, पानी और अनुकूल वातावरण जैसी सुविधाओं के कारण अपार औद्योगिक संभावनाएं हैं। यहां छोटे और बड़े उद्योग स्थापित हो सकते हैं, जिससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा दे रही है और आने वाले समय में शिक्षा व व्यापार के क्षेत्र में व्यापक विकास होगा। सरकार की मंशा है कि विकास का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे, जिससे टिकाऊ भारत की संकल्पना साकार हो सके। मंत्री श्री यादव ने लोगों से छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं से जुड़ने और उद्योग नीति का बेहतर उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में उपलब्ध ज्ञान और विज्ञान को अपनाकर ही सशक्त और टिकाऊ भारत का निर्माण संभव है।
सम्मेलन के दौरान सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए 2 विशिष्ट पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं शिक्षण और नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए द प्रोग्रेस संस्था द्वारा 8 पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर सुश्री लिग एंग, प्रो.एन.वी.रमणा राव(डायरेक्टर, एनआईटी रायपुर), श्री मनीश गुप्ता(डायरेक्टर बीएसबीके ग्रुप), श्री बिरंची दास (डायरेक्टर पर्सनल, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) तथा सुश्री जोआन चिया(सिंगापुर), आईआईटी डिन प्रोफ, संतोष बिसवान आईआईटी डायरेक्टर सामरेन्द्र घोष, रिसर्च स्कॉलर उपस्थित रहे।

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