केंद्र सरकार ने सीमा सुरक्षा बल में भर्ती को लेकर एक अहम और दूरगामी फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) भर्ती के नियमों में संशोधन करते हुए पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 50 प्रतिशत कर दिया है। यह निर्णय 18 दिसंबर को आधिकारिक गजट में प्रकाशित अधिसूचना के साथ ही प्रभावी हो गया है और इसे अग्निवीर योजना से जुड़े युवाओं के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
यह संशोधन “बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, जनरल ड्यूटी कैडर (नॉन-गजेटेड) भर्ती (संशोधन) नियम, 2025” के तहत किया गया है। गृह मंत्रालय ने यह कदम BSF Act, 1968 की धारा 141 के अंतर्गत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उठाया है। नए नियमों के अनुसार, अब हर भर्ती वर्ष में BSF की कुल सीधी भर्ती रिक्तियों में से आधी सीटें केवल पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगी। इसके अलावा 10 प्रतिशत सीटें पूर्व सैनिकों के लिए और करीब 3 प्रतिशत वार्षिक रिक्तियां कॉम्बैटाइज्ड कांस्टेबल (ट्रेड्समैन) श्रेणी के लिए तय की गई हैं।
भर्ती प्रक्रिया को भी अब दो चरणों में बांट दिया गया है। पहले चरण में नोडल फोर्स के जरिए केवल पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित 50 प्रतिशत पदों पर भर्ती कराई जाएगी। दूसरे चरण में स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के माध्यम से शेष 47 प्रतिशत पदों पर भर्ती होगी, जिसमें पूर्व सैनिकों का 10 प्रतिशत कोटा भी शामिल रहेगा। अगर पहले चरण में किसी श्रेणी में पूर्व अग्निवीरों की सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन्हें भी दूसरे चरण में भरा जाएगा।
नोटिफिकेशन में महिला उम्मीदवारों को लेकर भी स्पष्ट किया गया है कि उनके लिए रिक्तियों की गणना हर साल के आधार पर की जाएगी। यह निर्णय BSF के महानिदेशक संगठन की कार्यात्मक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लेंगे।
आयु सीमा के मामले में भी पूर्व अग्निवीरों को बड़ी छूट दी गई है। पहले बैच के अग्निवीरों को ऊपरी आयु सीमा में पांच साल तक की छूट मिलेगी, जबकि बाद के बैच के उम्मीदवारों को तीन साल तक की आयु छूट का लाभ दिया जाएगा। आयु की गणना वही तिथि मानी जाएगी, जो संबंधित भर्ती के लिए SSC या नोडल फोर्स द्वारा अधिसूचित की जाएगी।
फिजिकल और मेडिकल मानकों को लेकर भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) पद के लिए मेडिकल और शारीरिक मानक केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर तय नियमों के अनुसार लागू होंगे। हालांकि पूर्व अग्निवीर उम्मीदवारों को फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST) और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) से पूरी तरह छूट दी गई है, जिससे उनके लिए भर्ती प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी।
कुल मिलाकर, BSF भर्ती नियमों में यह बड़ा बदलाव सरकार की उस नीति को साफ तौर पर दर्शाता है, जिसके तहत अग्निवीर योजना से सेवा पूरी कर चुके युवाओं को अर्धसैनिक बलों में स्थायी और सुरक्षित करियर देने का रास्ता खोला जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह फैसला हजारों पूर्व अग्निवीरों के भविष्य को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।