Air India Flight Emergency Landing: दिल्ली से मुंबई जा रही Air India की फ्लाइट AI887 को उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद तकनीकी खराबी के कारण वापस दिल्ली लौटना पड़ा। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। एयर इंडिया की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस घटना में सभी यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं।
एयर इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार, यह फ्लाइट बोइंग 777 विमान से संचालित की जा रही थी, जिसने सुबह करीब 6:10 बजे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से उड़ान भरी थी। टेकऑफ के तुरंत बाद विमान में तकनीकी समस्या का संकेत मिला, जिसके बाद पायलटों ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के तहत विमान को वापस दिल्ली लाने का निर्णय लिया। करीब 6:52 बजे फ्लाइट ने सुरक्षित रूप से दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग की और सभी यात्रियों को सावधानीपूर्वक विमान से उतार लिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उड़ान के दौरान विमान के दाहिने इंजन में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई थी। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि इंजन के ऑयल प्रेशर में अचानक गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते किसी भी संभावित जोखिम से बचने के लिए पायलटों ने एहतियातन वापसी का फैसला किया। एयर इंडिया ने बताया है कि विमान को तकनीकी जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया है और खराबी की विस्तृत जांच की जा रही है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब दिल्ली एयरपोर्ट पहले से ही मौसम की मार झेल रहा है। बीते कुछ दिनों से राजधानी में घना कोहरा छाया हुआ है, जिसकी वजह से उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा है। हाल ही में कोहरे के कारण दिल्ली एयरपोर्ट से बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ी थीं, जबकि सैकड़ों उड़ानें देरी से संचालित हुई थीं।
इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों के लिए घने से बहुत घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा में सुबह के समय दृश्यता कम रहने की आशंका है, जबकि पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में आने वाले दिनों में भी कोहरे का असर बना रह सकता है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब एयर इंडिया की किसी फ्लाइट को हाल ही में इमरजेंसी या डायवर्जन का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले भी खराब मौसम के चलते मुंबई से वाराणसी जा रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट को भुवनेश्वर डायवर्ट कर एहतियातन उतारना पड़ा था। लगातार बदलते मौसम और तकनीकी सतर्कता के बीच एयरलाइंस यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऐसे फैसले ले रही हैं।