छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को दुरुस्त करने की दिशा में आज एक अहम कदम उठाया जा रहा है। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR कार्यक्रम के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आज सार्वजनिक की जा रही है। इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। इनमें ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिन्हें एब्सेंट, परमानेंट शिफ्टेड या मृत की श्रेणी में डाला गया है। चुनावी व्यवस्था को पारदर्शी और अद्यतन बनाए रखने के उद्देश्य से यह कवायद की जा रही है।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट ceochhattisgarh.nic.in पर उपलब्ध होगी। लिस्ट पूरी तरह सर्चेबल होगी, यानी मतदाता अपने EPIC नंबर, जिला, विधानसभा क्षेत्र, वार्ड या गांव और बूथ नंबर के जरिए आसानी से अपना नाम खोज सकेंगे। चाहें तो पूरी सूची डाउनलोड करने का विकल्प भी रहेगा। जिन मतदाताओं के नाम पिछली SIR प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए थे या जो बूथ लेवल ऑफिसर को जरूरी दस्तावेज नहीं दे सके थे, उनके नाम अलग से चिह्नित किए गए हैं।
आज यानी 23 दिसंबर 2025 से लेकर 22 जनवरी 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया है। इसके बाद सभी आपत्तियों के निपटारे के पश्चात 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि ड्राफ्ट लिस्ट में नाम न होना घबराने की बात नहीं है, क्योंकि इसी चरण में सुधार का मौका दिया जाता है।
अगर किसी मतदाता का नाम ASD सूची में है, तो इसका मतलब है कि वह एब्सेंट, शिफ्टेड या डेड कैटेगरी में डाला गया है। इसकी पुष्टि मतदाता वेबसाइट voters.eci.gov.in, CEO छत्तीसगढ़ की साइट, ECINET मोबाइल ऐप या सीधे अपने क्षेत्र के BLO और जिला निर्वाचन कार्यालय से कर सकते हैं। ऑफलाइन जांच के लिए BLO और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के पास भी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट उपलब्ध रहेगी।
नाम खोजते समय मतदाता को अपना वोटर आईडी नंबर, नाम, पिता या पति का नाम और जन्म तिथि जैसी बुनियादी जानकारी तैयार रखनी चाहिए। अगर नाम नहीं मिल रहा है, तो पहले यह जांच लें कि कहीं गलत स्पेलिंग या विवरण की वजह से समस्या तो नहीं आ रही। इसके बाद यह सुनिश्चित करें कि आपका नाम किसी कारणवश ASD कैटेगरी में तो नहीं डाल दिया गया। ऐसी स्थिति में तुरंत अपने BLO से संपर्क करना सबसे पहला कदम होगा।
यदि नाम कटने वाली सूची में है और आप मतदाता बने रहना चाहते हैं, तो BLO के मार्गदर्शन में SDM कार्यालय में पहचान के दस्तावेजों के साथ आपत्ति दर्ज करानी होगी। इसके लिए फॉर्म-6 और घोषणा पत्र भरना जरूरी होगा। आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तारीख 15 जनवरी तय की गई है। अगर कोई मतदाता इस अवधि में दस्तावेज नहीं देता और आपत्ति नहीं करता, तो उसका नाम अंतिम वोटर लिस्ट से हट सकता है और वह मतदाता नहीं रह जाएगा।
हालांकि राहत की बात यह है कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की प्रक्रिया हमेशा खुली रहती है। SIR की अंतिम सूची जारी होने के बाद भी मतदाता ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन देकर भविष्य में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। युवा मतदाता, जो 1 अप्रैल, 1 जुलाई या 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले हैं, वे भी एडवांस फॉर्म-6 के जरिए अभी से आवेदन कर सकते हैं।
निर्वाचन आयोग का कहना है कि SIR में नाम होना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि आगे होने वाले संशोधनों में बार-बार दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे यह भी साबित होता है कि मतदाता उस क्षेत्र में लगातार निवास कर रहा है। अगर मौजूदा SIR में नाम नहीं होगा, तो आने वाली SIR प्रक्रियाओं में न सिर्फ मतदाता को बल्कि उसके बच्चों को भी अतिरिक्त दस्तावेज देने पड़ सकते हैं।
ड्राफ्ट और फाइनल वोटर लिस्ट के साथ-साथ दावा-आपत्ति से जुड़ी जानकारी राजनीतिक दलों के साथ भी साझा की जाएगी। ERO के फैसले के खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट और फिर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास अपील का प्रावधान रहेगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिना सुनवाई के किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया जाएगा। ऐसे में हर मतदाता के लिए जरूरी है कि वह आज जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम जरूर जांचे और जरूरत पड़ने पर समय रहते कार्रवाई करे।