देश के नेशनल हाईवे अब सिर्फ सफर का जरिया नहीं रहेंगे, बल्कि आम लोगों के लिए कमाई का नया विकल्प भी बनेंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की पहल ‘राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट’ यानी RIIT को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के साथ ही आम निवेशकों के लिए नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स में सीधे निवेश का रास्ता खुल गया है। अब रिटेल और घरेलू निवेशक भी सड़कों पर चलने वाली गाड़ियों से वसूले जाने वाले टोल टैक्स की कमाई में हिस्सेदार बन सकेंगे।
यह स्कीम कामकाज के तरीके में म्यूचुअल फंड जैसी है, फर्क सिर्फ इतना है कि यहां पैसा शेयर बाजार की कंपनियों में नहीं, बल्कि देश के हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर में लगेगा। जिन सड़कों से रोजाना टोल वसूला जाता है, वही कमाई इस ट्रस्ट की आय बनेगी और खर्च निकालने के बाद मुनाफा निवेशकों में बांटा जाएगा। अनुमान है कि यह स्कीम भारत में चल रही अन्य इनविट योजनाओं की तरह सालाना करीब 10 प्रतिशत तक का रिटर्न दे सकती है।
अब तक हाईवे और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश का मौका सिर्फ बड़ी कंपनियों या विदेशी निवेशकों तक सीमित रहता था, लेकिन इस ‘पब्लिक इनविट’ का मकसद आम निवेशक को भी इस दायरे में लाना है। सरकारी प्रोजेक्ट होने की वजह से इसमें भरोसे का फैक्टर ज्यादा माना जा रहा है। इसके साथ ही इनविट से होने वाली आय का बड़ा हिस्सा डिविडेंड के रूप में बांटा जाता है, जिससे यह उन निवेशकों के लिए आकर्षक बन जाता है जो बैंक एफडी से थोड़ा बेहतर और नियमित इनकम चाहते हैं। चूंकि यह लॉन्ग टर्म इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा निवेश है, इसलिए इसे लंबे समय के नजरिए से देखा जा रहा है।
इस पूरी व्यवस्था को आप किराये की आमदनी की तरह समझ सकते हैं। निवेशक इनविट की यूनिट्स खरीदते हैं, ठीक वैसे ही जैसे शेयर खरीदे जाते हैं। ट्रस्ट उस पूंजी से बनी-बनाई सड़कों को सरकार से लीज पर लेता है या उनका संचालन करता है। उन सड़कों से मिलने वाला टोल टैक्स ट्रस्ट की आय बनता है और मुनाफा यूनिट होल्डर्स को दिया जाता है।
निवेश की सुरक्षा और प्रोफेशनल मैनेजमेंट के लिए NHAI ने ‘राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स प्राइवेट लिमिटेड’ यानी RIIMPL नाम की कंपनी बनाई है। इसमें देश के 10 बड़े वित्तीय संस्थान भागीदार हैं, जिनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक, HDFC बैंक, ICICI बैंक, IDBI बैंक, इंडसइंड बैंक, यस बैंक, बजाज फिनसर्व वेंचर्स और NaBFID शामिल हैं। RIIMPL की कमान NHAI के मेंबर (फाइनेंस) एनआरवीवीएमके राजेंद्र कुमार के पास होगी, जो इसके एमडी और सीईओ का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।
निवेश करने के लिए यह जरूरी होगा कि आपके पास डीमैट अकाउंट हो, क्योंकि यह एक लिस्टेड इनविट होगा। जब इसका आईपीओ आएगा, तब निवेशक अपने ब्रोकर ऐप के जरिए इसमें आवेदन कर सकेंगे। लिस्टिंग के बाद इसकी यूनिट्स शेयर बाजार में खरीदी और बेची भी जा सकेंगी।
इनविट यानी इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट असल में म्यूचुअल फंड की तरह ही एक सामूहिक निवेश योजना है, फर्क सिर्फ इतना है कि यहां पैसा सड़क, बिजली या दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में लगाया जाता है। इन प्रोजेक्ट्स से होने वाली आय, जैसे टोल कलेक्शन, का बड़ा हिस्सा निवेशकों को डिविडेंड के रूप में मिलता है। कुल मिलाकर, NHAI की यह पहल आम लोगों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश का एक नया और दिलचस्प रास्ता खोलती है, जहां सड़कें सिर्फ सफर नहीं, कमाई का जरिया भी बन सकती हैं।