Meta Pixel

शेयर बाजार में दबाव: सेंसेक्स 100 अंकों से ज्यादा टूटा, 85,250 के आसपास कारोबार; निफ्टी भी फिसला

Spread the love

आज यानी 26 दिसंबर को घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली। कारोबार के दौरान BSE Sensex 100 अंकों से ज्यादा गिरकर करीब 85,250 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं NSE Nifty 50 भी लगभग 30 अंकों की गिरावट के साथ 26,100 के आसपास फिसल गया।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। 16 शेयरों में तेजी रही, जबकि 14 शेयर दबाव में कारोबार करते दिखे। सेक्टरवार नजर डालें तो ऑटो और आईटी शेयरों में कुछ खरीदारी दिखाई दी, लेकिन बैंकिंग और मीडिया शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे बाजार की रफ्तार थमी रही।

हालांकि ग्लोबल बाजारों से संकेत पूरी तरह नकारात्मक नहीं रहे। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 0.70 फीसदी की तेजी के साथ ऊपर कारोबार करता दिखा, जबकि जापान का निक्केई इंडेक्स भी लगभग 0.96 फीसदी चढ़ा रहा। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था, हालांकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स आज बंद रहा। अमेरिकी बाजारों में भी पिछला सत्र मजबूती के साथ बंद हुआ था, जहां डाउ जोन्स, नैस्डेक और S&P 500 तीनों में तेजी दर्ज की गई थी।

निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 24 दिसंबर को विदेशी निवेशकों यानी FIIs ने करीब 1,721 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने 2,381 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। दिसंबर महीने में 24 तारीख तक FIIs ने कुल 23,830 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं, जबकि इसी अवधि में DIIs ने 62,284 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। नवंबर में भी यही रुझान देखने को मिला था, जहां विदेशी निवेशकों की बिकवाली के मुकाबले घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।

गौरतलब है कि 24 दिसंबर को बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 116 अंक चढ़कर 85,409 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में भी 35 अंकों की बढ़त दर्ज की गई थी और यह 26,142 के स्तर पर बंद हुआ था। 25 दिसंबर को क्रिसमस की छुट्टी के चलते बाजार बंद रहा, और आज दोबारा खुले बाजार में मुनाफावसूली और सेक्टरल दबाव के चलते गिरावट देखने को मिली।

कुल मिलाकर, आज की गिरावट के बावजूद बाजार को घरेलू निवेशकों का मजबूत समर्थन मिल रहा है। आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेतों, सेक्टरल मूवमेंट और निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर करती नजर आएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *