2025 में IPO का महाविस्फोट: कंपनियों ने जुटाए करीब ₹2 लाख करोड़, मेनबोर्ड बना ग्रोथ का इंजन

Spread the love

भारतीय पूंजी बाजार के लिए 2025 ऐतिहासिक साल बनकर उभरा है। इस साल 365 से ज्यादा इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग्स के जरिए कंपनियों ने करीब ₹1.95 लाख करोड़ जुटाए, जिसने IPO बाजार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। यह खुलासा Motilal Oswal Financial Services की ताज़ा स्ट्रैटजी रिपोर्ट में हुआ है। खास बात यह रही कि इस पूरी रकम का लगभग 94% हिस्सा सिर्फ मेनबोर्ड से आया, जहां 106 IPO के जरिए ₹1.83 लाख करोड़ जुटाए गए। यह आंकड़ा बताता है कि बड़े और स्थापित बिज़नेस ने बाजार से पूंजी जुटाने में निर्णायक भूमिका निभाई।

पिछला साल यानी 2024 भी IPO के लिहाज से मजबूत रहा था, जब 336 इश्यू से ₹1.90 लाख करोड़ जुटाए गए थे। अगर 2024 और 2025—इन दोनों सालों को मिलाकर देखें, तो कुल 701 IPO से करीब ₹3.8 लाख करोड़ का फंड बाजार में आया। यह रकम 2019 से 2023 के पूरे पांच सालों में जुटाए गए ₹3.2 लाख करोड़ से कहीं ज्यादा है, जिससे साफ है कि बीते दो साल भारतीय IPO बाजार के लिए गेम-चेंजर साबित हुए हैं।

इन दो सालों में मेनबोर्ड की ताकत सबसे ज्यादा दिखी। सिर्फ 198 मेनबोर्ड कंपनियों ने ₹3.6 लाख करोड़ जुटाए, जिसने कैपिटल फॉर्मेशन में उनकी अहमियत को रेखांकित किया। 2025 में कुछ बड़े और चर्चित इश्यू भी बाजार का आकर्षण बने। अक्टूबर 2025 में आया Tata Capital का ₹15,500 करोड़ का IPO भारत के इतिहास के सबसे बड़े पब्लिक इश्यूज़ में चौथे स्थान पर रहा, जिसने निवेशकों का भरोसा और उत्साह दोनों बढ़ाया।

इस साल IPO लाने वाली कंपनियों की सूची भी काफी विविध रही। केवल नए स्टार्टअप ही नहीं, बल्कि ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे पारंपरिक सेक्टर्स की बड़ी कंपनियां भी बाजार में उतरीं। कई बड़े इश्यू हाथों-हाथ लिए गए और कई गुना सब्सक्राइब हुए। खास तौर पर मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों ने भी निवेशकों का भरोसा जीतते हुए बाजार से अच्छी-खासी पूंजी जुटाई।

IPO की इस कामयाबी के पीछे सबसे बड़ा कारण रिटेल निवेशकों का बढ़ता भरोसा माना जा रहा है। डीमैट अकाउंट्स की संख्या में रिकॉर्ड इजाफा, म्यूचुअल फंड्स के जरिए लगातार आ रही लिक्विडिटी और सकारात्मक बाजार माहौल ने IPO को मजबूती दी। कई इश्यूज़ में रिटेल पोर्शन कुछ ही घंटों में भर जाना इस बात का संकेत है कि आम निवेशक अब IPO को गंभीर निवेश विकल्प के तौर पर देख रहा है।

फंड जुटाने के साथ-साथ लिस्टिंग गेन के मोर्चे पर भी 2025 निवेशकों के लिए यादगार रहा। ज्यादातर कंपनियों के शेयर लिस्टिंग के पहले ही दिन मुनाफे में रहे और कुछ मामलों में इश्यू प्राइस से 50% से 100% तक ऊपर लिस्टिंग देखने को मिली। इससे न सिर्फ निवेशकों का भरोसा बढ़ा, बल्कि IPO बाजार की साख भी मजबूत हुई। कुल मिलाकर, 2025 ने यह साफ कर दिया कि भारतीय IPO मार्केट अब परिपक्वता और गहराई—दोनों के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *