फिल्म दृश्यम-3 को लेकर चल रहा विवाद अब और तेज हो गया है। अक्षय खन्ना के प्रोजेक्ट छोड़ने के बाद जहां मेकर्स ने उन्हें लीगल नोटिस भेजा है, वहीं फिल्म के निर्देशक अभिषेक पाठक ने सीधे-सीधे अक्षय को सोलो फिल्म करने की चुनौती दे दी है। इस पूरे मामले में अब अक्षय के पुराने दोस्त और लेखक-निर्देशक रूमी जाफरी उनके समर्थन में सामने आए हैं और उन्होंने साफ कहा है कि धुरंधर की सफलता के बाद भी अक्षय के व्यवहार या प्रोफेशनल एटीट्यूड में कोई बदलाव नहीं आया।
रूमी जाफरी ने एक इंटरव्यू में कहा कि जिस दौर में अक्षय के पास फिल्में लाइन में नहीं थीं, तब भी वह बेहद सोच-समझकर स्क्रिप्ट चुनते थे। आज जब उनके पास विकल्प हैं, तब भी वे जल्दबाजी में फैसले नहीं ले रहे। उनके मुताबिक, अक्षय इतने प्रोफेशनल हैं कि बिना किसी ठोस वजह के किसी प्रोजेक्ट से पीछे नहीं हटते। रूमी ने यह भी याद दिलाया कि जब उन्होंने 2012 में गली-गली चोर है के लिए अक्षय को साइन किया था, तब खुद अक्षय उनसे ज्यादा “बिकने वाले” एक्टर को लेने की बात कर रहे थे—जो किसी लालची इंसान का रवैया नहीं कहा जा सकता।
दूसरी ओर, दृश्यम-3 के निर्देशक अभिषेक पाठक ने अक्षय के फिल्म छोड़ने पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि नवंबर में कॉन्ट्रैक्ट साइन होने के बाद, शूटिंग से महज पांच दिन पहले अक्षय ने फिल्म से बाहर होने का फैसला किया। उस वक्त लुक फाइनल हो चुका था, कॉस्ट्यूम तैयार हो रहे थे, नरेशन हो चुका था और कहानी भी उन्हें पसंद आई थी। अभिषेक के अनुसार, पहला मतभेद तब सामने आया जब अक्षय ने अपने किरदार के लिए विग पहनने की मांग की, जबकि कहानी वहीं से शुरू होती है जहां पिछला भाग खत्म हुआ था—ऐसे में किरदार के लिए विग संभव नहीं था।
अभिषेक पाठक ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इस मुद्दे पर अक्षय से बात कर समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन कुछ दिनों बाद वही मांग फिर सामने आ गई। अंततः अक्षय ने प्रोजेक्ट छोड़ दिया। उन्होंने 21 करोड़ रुपये की फीस वाली खबरों को भी सिरे से खारिज किया और आरोप लगाया कि ऐसी अफवाहें खुद अक्षय की ओर से फैलाई जा रही थीं। इस पूरे घटनाक्रम पर अजय देवगन की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए अभिषेक ने कहा कि अजय ने पूरा मामला उन्हीं पर छोड़ दिया था।
कुल मिलाकर, दृश्यम-3 को लेकर यह विवाद अब सिर्फ फिल्म छोड़ने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रोफेशनलिज्म, स्टार वैल्यू और सोलो दमखम जैसी बहस में बदल चुका है। एक तरफ मेकर्स की चुनौती है, तो दूसरी तरफ इंडस्ट्री के करीबी दोस्तों का खुला समर्थन—अब देखना होगा कि यह मामला आगे किस मोड़ पर जाता है।