रायपुर में वर्ष के आख़िरी और नए साल के पहले दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियाँ विशेष ऊर्जा के साथ सामने आने जा रही हैं। संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत मंगलवार की रात लगभग 8.30 बजे नियमित विमान से राजधानी पहुँचेंगे और तीन दिन के प्रवास के दौरान समाज के अलग-अलग वर्गों से संवाद करेंगे। यह यात्रा केवल औपचारिक नहीं, बल्कि विचार, संगठन और सामाजिक समरसता को केंद्र में रखकर तय की गई है।
31 दिसंबर को उनका दिन युवाओं से संवाद और विशाल हिंदू सम्मेलन को समर्पित रहेगा। सुबह 9 से 12 बजे तक एम्स रायपुर परिसर में होने वाले युवा संवाद में डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, सीए, व्यापारी सहित विभिन्न पेशों से जुड़े लगभग दो हजार युवा भाग लेंगे। यह कार्यक्रम जनवरी में प्रदेशभर में होने वाले युवा सम्मेलनों की प्रस्तावना माना जा रहा है, जहाँ राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विचार रखा जाएगा।
इसी दिन दोपहर बाद राजधानी से लगे अभनपुर क्षेत्र के सोनपैरी गांव में दस एकड़ क्षेत्र में विशाल हिंदू सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन के मुख्य वक्ता के रूप में मोहन भागवत मार्गदर्शन देंगे। आयोजन में प्रदेशभर से तीस हजार से अधिक लोगों के जुटने की संभावना है। सम्मेलन में सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय चेतना जैसे विषयों पर मंथन होगा। राष्ट्रीय संत असंग देव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि संतों, समाजसेवियों और आमजन की व्यापक भागीदारी इसे विशेष बनाएगी। यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रदेश में चल रहे हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला का अहम पड़ाव है।
नए साल के पहले दिन, 1 जनवरी को सुबह 9 से 12 बजे तक राम मंदिर रायपुर में सामाजिक सद्भावना बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न समाजों के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया है, जहाँ सामाजिक विषयों पर संवाद और आपसी समन्वय को लेकर चर्चा होगी। बैठक के बाद सरसंघचालक उसी दिन शाम तक रायपुर से प्रस्थान करेंगे।
कुल मिलाकर, रायपुर में यह तीन दिन संघ की विचारधारा, युवाओं की सहभागिता और समाज के बीच संवाद को नई दिशा देने वाले साबित हो सकते हैं, जहाँ एक ओर संगठनात्मक संदेश है, तो दूसरी ओर सामाजिक सौहार्द पर जोर भी।