Meta Pixel

छत्तीसगढ़ के 20 IAS अफसरों को नए साल का तोहफा: डीपीसी से मिली हरी झंडी, जल्द जारी होंगे पदोन्नति आदेश

Spread the love

साल के आखिरी दिनों में छत्तीसगढ़ प्रशासनिक महकमे में बड़ी हलचल देखने को मिली है। रायपुर में मंत्रालय स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में भारतीय प्रशासनिक सेवा के 20 अधिकारियों के प्रमोशन पर अंतिम मुहर लगा दी गई है। बताया जा रहा है कि इन पदोन्नतियों के औपचारिक आदेश आज-कल में जारी कर दिए जाएंगे, जिससे नए साल से पहले अफसरों को बड़ा तोहफा मिल गया है।

इस डीपीसी में एक प्रमुख सचिव, छह सचिव, आठ विशेष सचिव और पांच संयुक्त सचिव पदों के लिए पदोन्नति को मंजूरी दी गई है। प्रमुख सचिव के कई पद खाली होने के बावजूद 2001 बैच की शहला निगार ही इस बैच की एकमात्र पात्र अधिकारी थीं, इसलिए डीपीसी ने उन्हें प्रमुख सचिव बनाए जाने की स्वीकृति दे दी। फिलहाल वे कृषि सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं और नए साल से ठीक पहले उनका प्रमोशन आदेश जारी कर दिया गया है।

संयुक्त सचिव पद के लिए 2017 बैच के पांच आईएएस अधिकारियों को पदोन्नत किया जा रहा है। इनमें आकाश छिकारा, रोहित व्यास, मयंक चतुर्वेदी, कुणाल दुदावत और चंद्रकांत वर्मा शामिल हैं। इस बैच के तीन अधिकारी वर्तमान में कलेक्टर के रूप में तैनात हैं। रोहित व्यास जशपुर, मयंक चतुर्वेदी रायगढ़ और कुणाल दुदावत कोरबा जिले की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

2010 बैच के आईएएस अधिकारियों की सचिव पद पर पदोन्नति को लेकर लंबे समय से प्रतीक्षा बनी हुई थी, जो अब खत्म होती दिख रही है। जेपी मौर्या, कार्तिकेय गोयल, डॉ. सारांश मित्तर, पीएस एल्मा, रमेश शर्मा और धर्मेंद्र साहू को सचिव पद पर पदोन्नति दी गई है। इस बैच की रानू साहू निलंबन के कारण पदोन्नति से वंचित रहीं, जबकि कार्तिकेय गोयल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर होने के कारण उन्हें प्रोफार्मा पदोन्नति प्रदान की गई है।

डीपीसी ने 2013 बैच के आठ आईएएस अधिकारियों को विशेष सचिव पद पर पदोन्नति की मंजूरी दी है। इस सूची में गौरव सिंह, अजीत बसंत, विनीत नंदनवार, इंद्रजीत चंद्रवाल, जगदीश सोनकर, राजेंद्र कटारा और पीएस ध्रुव के नाम शामिल हैं। नम्रता गांधी भी इसी बैच की हैं, लेकिन केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर होने के कारण उन्हें प्रोफार्मा पदोन्नति दी गई है। इस बैच के चार अधिकारी वर्तमान में कलेक्टर के रूप में कार्यरत हैं, जिनमें गौरव सिंह रायपुर, अजीत बसंत सरगुजा, राजेंद्र कटारा बलरामपुर और इंद्रजीत चंद्रवाल खैरागढ़ जिले में पदस्थ हैं।

कुल मिलाकर, नए साल से ठीक पहले हुई यह डीपीसी छत्तीसगढ़ प्रशासन के लिए अहम मानी जा रही है। लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों पर मुहर लगने से न केवल अधिकारियों में उत्साह है, बल्कि प्रशासनिक ढांचे में भी नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *