सप्ताह के आख़िरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भरोसे की वापसी साफ़ दिखाई दी। मज़बूत वैश्विक संकेतों और चुनिंदा दिग्गज शेयरों में खरीदारी के दम पर बाजार हरे निशान में खुला और दिन चढ़ने के साथ रफ्तार पकड़ता गया। सुबह करीब 9:15 बजे कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई और जैसे-जैसे सत्र आगे बढ़ा, निवेशकों का उत्साह और गहराता चला गया। करीब 10:59 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 343 अंकों की छलांग लगाकर 85,526 के आसपास पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 26,258 के ऊपर मज़बूती से टिकता नज़र आया। यह तेजी बताती है कि फिलहाल बाजार की धारणा सकारात्मक बनी हुई है और निवेशक अवसर तलाशने के मूड में हैं।
आज की मजबूती के पीछे सबसे बड़ा सहारा वैश्विक बाजारों से मिला। एशियाई सत्र में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सभी बढ़त में दिखे, वहीं अमेरिकी फ्यूचर्स में भी सकारात्मक रुख ने घरेलू निवेशकों का हौसला बढ़ाया। इन संकेतों का असर भारतीय बाजार पर साफ़ दिखा, जहां बड़े शेयरों में खरीदारी तेज़ हुई और सूचकांकों को मज़बूत आधार मिला।
घरेलू मोर्चे पर दिग्गज कंपनियों का प्रदर्शन बाजार को ऊपर ले जाने में अहम रहा। Reliance Industries लगातार दूसरे सत्र में करीब एक प्रतिशत चढ़ा और सूचकांकों को सहारा देता दिखा। निफ्टी में हिंदाल्को इंडस्ट्रीज, कोल इंडिया और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे शेयरों में दो प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज हुई। वहीं दूसरी ओर आईटीसी और बजाज ऑटो जैसे कुछ शेयर दबाव में रहे, जिससे यह संकेत मिला कि तेजी व्यापक है, लेकिन खरीदारी पूरी तरह चयनात्मक बनी हुई है।
कारोबार के दौरान बाजार की चौड़ाई भी मजबूत नज़र आई। बढ़ने वाले शेयरों की संख्या गिरने वालों से कहीं ज्यादा रही, जो समग्र सकारात्मक माहौल की पुष्टि करती है। सेक्टर के लिहाज़ से ऑटो इंडेक्स ने लगातार चौथे सत्र में बढ़त दर्ज की। दिसंबर महीने के बिक्री आंकड़ों से यह उम्मीद बनी है कि चालू तिमाही में ऑटो कंपनियों के नतीजे बेहतर रह सकते हैं, और इसी उम्मीद ने निवेशकों को इस सेक्टर में खरीदारी के लिए प्रेरित किया।
संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों ने भी बाजार को संतुलन दिया। घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी ने विदेशी निवेशकों की बिकवाली के असर को काफी हद तक थाम लिया। मुद्रा बाजार में भी रुपये ने हल्की मजबूती दिखाई और डॉलर के मुकाबले कुछ पैसे चढ़कर कारोबार करता दिखा, जिससे निवेशकों के भरोसे को और बल मिला।
कुल मिलाकर, आज का सत्र यह संकेत देता है कि वैश्विक माहौल में राहत, घरेलू निवेश का समर्थन और चुनिंदा सेक्टरों में उम्मीदों ने मिलकर बाजार को मजबूती दी है। हालांकि तेजी के बीच निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है और आगे की चाल वैश्विक घटनाक्रम व घरेलू संकेतों पर निर्भर करेगी।