आगामी एशियाई खेलों को लेकर भारतीय एथलेटिक्स में तैयारियां तेज हो चुकी हैं और इसके साथ ही चयन की राह भी पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण बना दी गई है। सितंबर–अक्तूबर में जापान में होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए Asian Games को ध्यान में रखते हुए Athletics Federation of India ने क्वालिफाइंग मानक घोषित कर दिए हैं। इस बार खास तौर पर पुरुषों की 100 मीटर दौड़ और पोल वॉल्ट में चयन के लिए एथलीटों को राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे साफ है कि एएफआई इस बार कोई समझौता नहीं करना चाहती।
चयन समिति के चेयरमैन Adille Sumariwalla ने बताया कि मिश्रित 4×100 मीटर रिले और मैराथन वॉक जैसे नए इवेंट्स के क्वालिफाइंग मानक अभी तय नहीं किए गए हैं। इन पर फैसला एशियाई रिले और वर्ल्ड रिले प्रतियोगिताओं के बाद लिया जाएगा। इसके साथ ही खिलाड़ियों के लिए यह भी अनिवार्य किया गया है कि वे राज्य चैंपियनशिप में हिस्सा लें और कुल तीन प्रतियोगिताओं—दो अंतर-राज्य और एक राष्ट्रीय ओपन—में भाग लें। कम से कम दो प्रतियोगिताओं में मानक के आसपास प्रदर्शन और अंतिम इवेंट में तय मानक हासिल करना चयन के लिए जरूरी होगा।
इस बीच भाला फेंक के स्टार Neeraj Chopra को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। चोट के कारण विश्व चैंपियनशिप खिताब बचाने में असफल रहे नीरज अब पूरी तरह रिकवरी पर फोकस कर रहे हैं। उनके कोच Jan Železný के साथ 2026 सीजन का पूरा कैलेंडर तैयार किया जा चुका है। सुमारीवाला के मुताबिक, नीरज ने दो चोटों के बावजूद विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था और अब उनकी प्राथमिकता फिट होकर मजबूत वापसी करना है, हालांकि सीजन की शुरुआत वह किस टूर्नामेंट से करेंगे, यह अभी तय नहीं है।
एएफआई ने साफ किया है कि एशियाड के लिए घरेलू स्तर पर तीन टूर्नामेंट में भाग लेना जरूरी होगा, लेकिन नीरज चोपड़ा को इससे छूट मिल सकती है। सुमारीवाला ने बताया कि पिछले साल डायमंड लीग के चलते नीरज को छूट दी गई थी और यही नियम अन्य खिलाड़ियों पर भी लागू होता है। यदि कोई एथलीट घरेलू स्पर्धाओं में हिस्सा नहीं ले पाता, तो उसे पहले अनुमति लेनी होगी और अंतिम फैसला चयन समिति करेगी।
कुल मिलाकर, एएफआई के नए क्वालिफाइंग मानकों ने यह संकेत दे दिया है कि एशियाई खेलों में भारत केवल मजबूत और रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करने वाले एथलीटों को ही उतारना चाहता है। 100 मीटर जैसे हाई-प्रोफाइल इवेंट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड की शर्त इस बात का संकेत है कि एशियाड में पदक के लिए अब सिर्फ भागीदारी नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय प्रदर्शन ही टिकट दिलाएगा।