Meta Pixel

शेयर बाजार का मिला-जुला रुख: निफ्टी ने बनाया नया रिकॉर्ड, सेंसेक्स फिसला; IT और बैंकिंग शेयर दबाव में

Spread the love

सप्ताह की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार ने सतर्क लेकिन ऐतिहासिक चाल दिखाई। 5 जनवरी को कारोबार लगभग फ्लैट रहा, हालांकि इसी दौरान निफ्टी ने नया कीर्तिमान रच दिया। दिन के कारोबार में निफ्टी 26,373 के स्तर तक पहुंचा, जो इसका अब तक का सबसे ऊंचा स्तर रहा, जबकि सेंसेक्स हल्की कमजोरी के साथ करीब 85,750 के आसपास कारोबार करता नजर आया। बाजार की इस चाल में सबसे ज्यादा दबाव IT और बैंकिंग शेयरों में देखने को मिला, जिसने सेंटीमेंट को पूरी तरह तेज होने से रोके रखा।

घरेलू बाजार में जहां चुनिंदा सेक्टर्स में मुनाफावसूली दिखी, वहीं ग्लोबल संकेत काफी हद तक सकारात्मक रहे। एशियाई बाजारों में मजबूत तेजी देखने को मिली। कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई इंडेक्स दोनों ही करीब तीन प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी हल्की मजबूती में रहा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट एक प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर ट्रेड करता नजर आया। इन संकेतों से यह साफ हुआ कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों का रुख अभी भी जोखिम लेने वाला बना हुआ है।

अमेरिकी बाजारों की बात करें तो पिछले कारोबारी सत्र में डाउ जोंस मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ था। हालांकि टेक शेयरों में हल्की कमजोरी के कारण नैस्डेक में मामूली गिरावट रही, जबकि S&P 500 ने हल्की तेजी के साथ सत्र का अंत किया। इन आंकड़ों ने एशिया और भारत सहित उभरते बाजारों के लिए एक संतुलित लेकिन सकारात्मक माहौल बनाया।

निवेशकों की गतिविधियों पर नजर डालें तो विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख अब भी उतार-चढ़ाव भरा है। 1 जनवरी को FIIs ने करीब 3,268 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, जबकि इससे पहले 2 जनवरी को उन्होंने सीमित खरीदारी की थी। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत मौजूदगी बाजार को सहारा देती दिख रही है। दिसंबर 2025 में जहां FIIs ने बड़ी मात्रा में बिकवाली की, वहीं DIIs ने आक्रामक खरीदारी कर बाजार की गिरावट को थामे रखा। यही ट्रेंड नवंबर में भी देखने को मिला, जिससे साफ है कि बाजार की मजबूती में घरेलू निवेशकों की भूमिका निर्णायक बनी हुई है।

बीते सप्ताह की बात करें तो बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स सैकड़ों अंकों की छलांग के साथ बंद हुआ था और निफ्टी ने न सिर्फ इंट्राडे बल्कि क्लोजिंग के लिहाज से भी नया रिकॉर्ड बनाया था। यही वजह है कि मौजूदा सत्र में हल्की सुस्ती के बावजूद बाजार की बुनियाद मजबूत मानी जा रही है।

कुल मिलाकर, निफ्टी का रिकॉर्ड हाई यह संकेत देता है कि लंबी अवधि का ट्रेंड अब भी सकारात्मक है, लेकिन IT और बैंकिंग जैसे भारी सेक्टर्स में कमजोरी फिलहाल तेजी की रफ्तार पर ब्रेक लगा रही है। निवेशक अब आगे के सत्रों में ग्लोबल संकेतों और संस्थागत निवेशकों की चाल पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *