छत्तीसगढ़ में बिजली बिल बकाया को लेकर अब नरमी खत्म होती दिख रही है। Chhattisgarh State Power Company ने प्रदेशभर में बड़े और छोटे सभी बकाएदारों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। राजधानी रायपुर में इस अभियान का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है, जहां बीते करीब एक महीने में ही करीब 10 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, रायपुर में कुल बकाया लगभग 25 करोड़ रुपये है, जिसे पूरी तरह वसूलने तक अभियान लगातार जारी रहेगा।
प्रदेश में दस लाख से ज्यादा ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन पर बिजली का बकाया है। इनमें करीब छह हजार बड़े बकाएदार ऐसे हैं, जिन पर एक लाख रुपये से ज्यादा की देनदारी है। अकेले रायपुर में ही ऐसे 256 उपभोक्ता चिन्हित किए गए हैं। बिजली कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि अब बकाया रखने वालों के खिलाफ बिना भेदभाव के कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर कनेक्शन काटे जाएंगे।
पॉवर कंपनी को हर साल जितनी बिजली बेची जाती है, उसका पूरा भुगतान नहीं मिल पाता। आम उपभोक्ताओं द्वारा समय पर बिल जमा न करने से कंपनी की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ता है। खास बात यह है कि बीपीएल श्रेणी के लाखों उपभोक्ताओं में से बड़ी संख्या में लोग नियमित बिल नहीं चुकाते, लेकिन आम उपभोक्ताओं पर कार्रवाई तुरंत शुरू हो जाती है। फिलहाल कंपनी ने पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर बकाएदारों के कनेक्शन काटने की रफ्तार तेज कर दी है।
रायपुर सर्किल वन के अधीक्षण अभियंता Mahavir Vishwakarma ने साफ कहा है कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है। छोटे हों या बड़े, सभी बकाएदारों से वसूली की जाएगी। अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये की रिकवरी हो चुकी है और जब तक पूरा 25 करोड़ का बकाया वसूल नहीं हो जाता, तब तक कार्रवाई जारी रहेगी।
रायपुर में स्मार्ट मीटर लगे उपभोक्ताओं के लिए सख्ती और भी ज्यादा है। जिनके बिल लंबे समय से जमा नहीं हैं, उनके कनेक्शन सीधे गुढ़ियारी कंट्रोल रूम से ही काटे जा रहे हैं। कनेक्शन कटते ही उपभोक्ताओं को बिजली दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और बकाया राशि जमा करनी पड़ रही है। जिन उपभोक्ताओं पर ज्यादा रकम बकाया है, उन्हें किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जा रही है। पहली किस्त जमा करते ही उनका कनेक्शन बहाल किया जा रहा है, लेकिन शर्त यह है कि बाकी किस्तें समय पर चुकानी होंगी।
अधिकारियों के मुताबिक, रायपुर सर्किल वन में एक लाख से ज्यादा बकाया वाले 256 उपभोक्ताओं में से बड़ी संख्या से अब तक वसूली हो चुकी है और शेष पर भी लगातार दबाव बनाया जा रहा है। संदेश साफ है—बिजली बिल बकाया रखा तो कनेक्शन कटेगा और बिना भुगतान के राहत नहीं मिलेगी।