अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति Nicolás Maduro को हिरासत में लिए जाने की घटना केवल राजनीतिक भूचाल तक सीमित नहीं रहने वाली है। इसका असर अब वैश्विक फाइनेंशियल मार्केट्स में भी साफ तौर पर दिख सकता है। दुनिया के बड़े निवेश बैंकों में शामिल JP Morgan का मानना है कि इस घटनाक्रम के बाद वेनेजुएला सरकार और उसकी सरकारी तेल कंपनी PDVSA द्वारा जारी किए गए बॉन्ड्स में एक ही कारोबारी सत्र में जबरदस्त तेजी देखने को मिल सकती है।
जेपी मॉर्गन के एनालिस्ट्स के मुताबिक, सोमवार को वेनेजुएला और PDVSA के इंटरनेशनल बॉन्ड्स में करीब 10 अंकों तक की उछाल संभव है। गौर करने वाली बात यह है कि साल 2025 के दौरान ये बॉन्ड्स पहले ही दुनिया में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले बॉन्ड्स में शामिल रहे हैं। बीते एक साल में इनकी कीमतें लगभग दोगुनी हो चुकी हैं, जिससे हाई-रिस्क निवेशकों का ध्यान लगातार इस मार्केट की ओर बना हुआ है।
शुक्रवार को कारोबार बंद होने तक वेनेजुएला के कुछ सॉवरेन बॉन्ड्स 28 से 32 सेंट प्रति डॉलर के स्तर पर ट्रेड कर रहे थे। यह भले ही अपने मूल मूल्य से काफी नीचे हैं, लेकिन मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम ने इनमें आगे और तेजी की उम्मीद जगा दी है। शनिवार को कराकास में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान मादुरो की गिरफ्तारी के बाद देश में सत्ता परिवर्तन और नीति बदलाव की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है।
जेपी मॉर्गन का आकलन है कि निवेशक इस घटनाक्रम को वेनेजुएला के लिए संभावित टर्निंग पॉइंट के रूप में देख रहे हैं। बाजार को संकेत मिल सकता है कि आगे चलकर कर्ज पुनर्गठन, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में ढील या तेल सेक्टर को विदेशी निवेश के लिए खोलने जैसे बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। यही वजह है कि राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद बॉन्ड मार्केट में पॉजिटिव रिएक्शन की संभावना जताई जा रही है।
मार्केटएक्सेस के आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा कीमतें अब भी बेहद डिस्काउंट पर हैं, लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सुधार और नई सरकार या अंतरिम व्यवस्था की दिशा में ठोस कदम उठते हैं, तो इन बॉन्ड्स में और मजबूती आ सकती है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि यह तेजी पूरी तरह जोखिम से मुक्त नहीं है। आगे की राजनीतिक प्रक्रिया, घरेलू स्थिरता और वैश्विक शक्तियों की प्रतिक्रिया इस रैली की दिशा तय करेगी।
कुल मिलाकर, मादुरो की गिरफ्तारी ने वेनेजुएला को एक बार फिर वैश्विक निवेशकों के रडार पर ला दिया है। बाजार फिलहाल इसे संकट नहीं, बल्कि संभावित अवसर के रूप में देख रहा है—लेकिन यह अवसर कितना टिकाऊ होगा, इसका फैसला आने वाले हफ्तों में होने वाले राजनीतिक और कूटनीतिक घटनाक्रम करेंगे।