साउथ के सुपरस्टार Prabhas की बहुप्रतीक्षित हॉरर-कॉमेडी फिल्म Raja Saab रिलीज से ठीक पहले विवादों और चुनौतियों में घिरती नजर आ रही है। सेंसर सर्टिफिकेशन से पहले फिल्म के दो अहम दृश्यों में बदलाव कराए गए हैं, जिससे न सिर्फ इसके रनटाइम पर असर पड़ा है, बल्कि कंटेंट को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। सेंसर बोर्ड की आपत्तियों के बाद फिल्म का कुल समय अब 189 मिनट यानी 3 घंटे 9 मिनट तय किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, पहला बदलाव उस दृश्य में किया गया है जहां फर्श पर खून बहता हुआ दिखाया गया था। इस सीन को अब ब्लैक एंड व्हाइट टोन में दिखाया जाएगा, ताकि उसकी तीव्रता कम हो सके। दूसरा बदलाव एक हिंसक दृश्य से जुड़ा है, जिसमें सिर कटने का सीन शामिल था। इस हिस्से की लंबाई चार सेकेंड कम करने का सुझाव दिया गया, जिसे मेकर्स ने स्वीकार कर लिया। इन बदलावों के बाद फिल्म को सर्टिफिकेट मिलने का रास्ता तो साफ हुआ, लेकिन इसके असर को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
चिंता की एक बड़ी वजह फिल्म का भारी-भरकम बजट भी है। करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से बनी ‘राजा साब’ भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में गिनी जा रही है। इसके बावजूद ट्रेलर रिलीज होने के बाद भी फिल्म दर्शकों के बीच वैसी चर्चा पैदा नहीं कर पाई, जैसी इस स्तर की फिल्मों से उम्मीद की जाती है। खासकर हिंदी बेल्ट में प्रभास की हालिया फिल्मों के औसत प्रदर्शन ने भी मेकर्स की चिंता बढ़ा दी है।
मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। 9 जनवरी को ही ‘राजा साब’ का सीधा टकराव Jana Nayagan से होने जा रहा है, जो तमिल सिनेमा के सुपरस्टार Vijay की आखिरी फिल्म बताई जा रही है। विजय के रिटायरमेंट ऐलान के बाद ‘जन नायगन’ को लेकर जबरदस्त भावनात्मक जुड़ाव और क्रेज देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया से लेकर एडवांस बुकिंग तक, विजय के फैंस पूरी ताकत के साथ उनकी विदाई फिल्म को सपोर्ट कर रहे हैं।
इस क्लैश का असर स्क्रीन शेयरिंग पर भी पड़ सकता है। साउथ में ‘जन नायगन’ को ज्यादा स्क्रीन मिलने की संभावना जताई जा रही है, जिससे ‘राजा साब’ को नुकसान हो सकता है। आंकड़े भी इसी ओर इशारा करते हैं। ‘राजा साब’ के ट्रेलर को जहां अब तक करीब 19 मिलियन व्यूज़ मिले हैं, वहीं ‘जन नायगन’ का ट्रेलर 41 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है।
फिल्म ‘राजा साब’ का निर्देशन मारुति कर रहे हैं और इसमें प्रभास के साथ निधि अग्रवाल और मालविका मोहनन लीड रोल में नजर आएंगे। अब देखना यह होगा कि सेंसर कट्स, कमजोर प्री-रिलीज़ हाइप और बड़े क्लैश के बावजूद यह मेगा बजट फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खुद को कैसे साबित करती है, या फिर ये सभी फैक्टर इसके लिए भारी पड़ जाते हैं।