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नशीली टेबलेट सिंडिकेट का भंडाफोड़: रायपुर में 4 मेडिकल संचालक और एमआर गिरफ्तार, करोड़ों का अवैध नेटवर्क उजागर

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राजधानी रायपुर में प्रतिबंधित नशीली टेबलेट के संगठित कारोबार पर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए पूरे सप्लाई चेन सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। विशेष अभियान ऑपरेशन निश्चय के तहत की गई इस कार्रवाई में चार मेडिकल दुकानों के संचालक और एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान अल्प्राजोलम और स्पासमो समेत कुल 17,808 प्रतिबंधित नशीली टेबलेट जब्त की हैं, जिनका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जा रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव था, जो बाहर से प्रतिबंधित दवाइयों की खेप मंगाकर रायपुर की मेडिकल दुकानों तक सप्लाई करता था। पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और मेडिकल स्टोर्स की आड़ में खुलेआम नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री की जा रही थी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई Raipur Police द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन निश्चय के तहत की गई। छापेमारी के दौरान कुशालपुर पुरानी बस्ती स्थित रत्ना मेडिकल स्टोर, टिकरापारा स्थित काव्या मेडिकोज, भनपुरी खमतराई की प्यारी लक्ष्मी मेडिकल स्टोर और सांकरा धरसींवा की भरोसा मेडिकल स्टोर से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित टेबलेट बरामद की गईं। इन मेडिकल दुकानों के संचालक कान्हा कृष्ण कश्यप उर्फ सूरज, धीमन मजूमदार, राहुल वर्मा और मोहम्मद अकबर को मौके से गिरफ्तार किया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क को गणपति नगर, न्यू चंगोराभाठा निवासी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव आनंद शर्मा संचालित कर रहा था। पुलिस के मुताबिक आनंद शर्मा जबलपुर से कोरियर और बस ट्रांसपोर्ट के जरिए नशीली दवाइयों की खेप रायपुर मंगाता था और फिर मांग के अनुसार मेडिकल दुकानों में सप्लाई करता था। पूछताछ में उसने खुद को एमआर बताते हुए पूरे रैकेट की जानकारी दी।

पुलिस ने इस मामले में मेडिकल दुकानों को तत्काल सील कर दिया है और उनके लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही जिस कोरियर कंपनी और बस ट्रांसपोर्ट के जरिए नशीली दवाइयों की ढुलाई हो रही थी, उनकी भी पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इन माध्यमों से जुड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे रैकेट का खुलासा करने के लिए पुलिस ने ग्राहक बनकर मेडिकल स्टोर से नशीली टेबलेट खरीदी। बिना किसी वैध पर्चे के दवा बेचते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले मेडिकल स्टोर पर छापा मारा और फिर एमआर के ठिकाने तक पहुंच गई। छापेमारी में एक टाटा सफारी कार और पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त दवाइयों, वाहन और मोबाइल की कुल अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है।

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ पुरानी बस्ती थाना में नारकोटिक एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। रायपुर रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन निश्चय को पुलिस ने नशे के खिलाफ इंटेलिजेंस-ड्रिवन और माइक्रो-लेवल सर्विलांस का सफल उदाहरण बताया है। पुलिस का कहना है कि बदलते अपराध के तरीकों के साथ रणनीति भी बदली जा रही है और आने वाले दिनों में नशे के नेटवर्क पर और सख्त प्रहार किया जाएगा।

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