कुआलालंपुर में चल रहे Malaysia Open में भारत के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी महिला सिंगल्स से आई है। दो बार की ओलिंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है और एक बार फिर खिताब की रेस में भारत को मजबूती से बनाए रखा है।
क्वार्टरफाइनल मुकाबले में सिंधु का सामना जापान की तीसरी सीड अकाने यामागुची से हुआ। मैच की शुरुआत से ही सिंधु ने आक्रामक खेल दिखाया और महज 11 मिनट में पहला गेम 21-11 से अपने नाम कर लिया। इसके बाद यामागुची घुटने की चोट के कारण मुकाबला पूरा नहीं कर सकीं और रिटायर्ड हर्ट हो गईं, जिससे सिंधु को सीधे सेमीफाइनल का टिकट मिल गया।
इससे पहले राउंड ऑफ 16 में भी सिंधु ने जबरदस्त फॉर्म दिखाया था। उन्होंने जापान की आठवीं सीड टोमोका मियाजाकी को सिर्फ 33 मिनट में 21-8, 21-13 से हराकर साफ संकेत दे दिया था कि वह इस टूर्नामेंट में बेहद लय में हैं। लगातार दो आसान जीतों ने सिंधु का आत्मविश्वास और मजबूत किया है।
मेंस डबल्स में भी भारत को अच्छी खबर मिली है। स्टार जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने मलेशिया की जुनैदी अरिफ और रॉय किंग याप की जोड़ी को 21-18, 21-11 से हराकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। 39 मिनट तक चले इस मुकाबले में भारतीय जोड़ी का दबदबा साफ नजर आया। अब क्वार्टरफाइनल में उनका सामना इंडोनेशिया की छठी सीड जोड़ी फजर अल्फियन और मुहम्मद रियन अर्दियांतो से होगा, जो उनके लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।
हालांकि, मेन्स सिंगल्स में भारत की राह यहीं थम गई। लक्ष्य सेन को हॉन्गकॉन्ग-चाइना के ली चेउक यिउ के खिलाफ करीबी मुकाबले में 20-22, 15-21 से हार झेलनी पड़ी। वहीं युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने विश्व नंबर-1 और टॉप सीड शी यू क्वी को कड़ी टक्कर दी, लेकिन निर्णायक गेम में पिछड़ते हुए 18-21, 21-18, 12-21 से बाहर हो गए।
कुल मिलाकर, मलेशिया ओपन में अब भारत की सारी निगाहें पीवी सिंधु और सात्विक-चिराग की जोड़ी पर टिकी हैं। सेमीफाइनल और क्वार्टरफाइनल में इनके प्रदर्शन से ही तय होगा कि यह सुपर 1000 टूर्नामेंट भारत के लिए कितना यादगार बन पाता है।