टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली एक बार फिर क्रिकेट इतिहास के बेहद खास मोड़ पर खड़े हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जाने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज़ का पहला मुकाबला रविवार, 11 जनवरी को वडोदरा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होगा और इसी मैदान पर विराट का बल्ला इतिहास लिख सकता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बनने से वह सिर्फ 42 रन दूर हैं, यानी एक सधी हुई पारी ही उन्हें दिग्गजों की कतार में एक और पायदान ऊपर पहुंचा देगी।
फिलहाल विराट कोहली के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 27,975 रन दर्ज हैं। उनसे आगे सिर्फ श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा हैं, जिनके खाते में 28,016 रन हैं। इस लिस्ट में सबसे ऊपर अब भी महान सचिन तेंदुलकर का नाम दर्ज है, जिन्होंने अपने करियर में 34,357 रन बनाए थे। जैसे ही विराट 42 रन का आंकड़ा पार करेंगे, वह संगकारा को पीछे छोड़ते हुए इस एलीट क्लब में दूसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे।
इस रिकॉर्ड की खास बात सिर्फ रन नहीं, बल्कि पारियों का फर्क भी है। संगकारा ने अपने करियर में 666 अंतरराष्ट्रीय पारियां खेलीं थीं, जबकि विराट कोहली यह मुकाम महज़ 624वीं पारी में हासिल कर सकते हैं। कम पारियों में इतने बड़े दिग्गज को पीछे छोड़ना विराट की निरंतरता, फिटनेस और मानसिक मजबूती का बड़ा प्रमाण माना जा रहा है।
वडोदरा की इस सीरीज़ में विराट के पास एक और भारतीय महारिकॉर्ड तोड़ने का सुनहरा मौका है। अगर वह न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों में कुल 93 रन बना लेते हैं, तो वह इस टीम के खिलाफ वनडे क्रिकेट में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन जाएंगे। फिलहाल विराट ने कीवी टीम के खिलाफ 33 पारियों में 1,657 रन बनाए हैं, जबकि सचिन तेंदुलकर ने 41 पारियों में 1,750 रन बनाकर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर रखा है।
37 साल की उम्र में भी विराट कोहली का फॉर्म चर्चा का विषय बना हुआ है। हालिया वनडे और घरेलू क्रिकेट में उनका बल्ला लगातार रन उगल रहा है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 74 रन, साउथ अफ्रीका के खिलाफ लगातार दो शतक और एक और नाबाद 65 रन की पारी ने उनकी लय को साबित किया। इसके बाद लगभग 15 साल बाद विजय हजारे ट्रॉफी में वापसी करते हुए उन्होंने दिल्ली के लिए 131 और 77 रन की शानदार पारियां खेलीं, जिसने यह साफ कर दिया कि विराट अभी थमे नहीं हैं।
न्यूजीलैंड के खिलाफ यह वनडे सीरीज़ विराट और भारतीय बल्लेबाज़ों के लिए इसलिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि कीवी टीम अपने कुछ प्रमुख गेंदबाज़ों को चोट और लोड मैनेजमेंट के चलते मिस कर रही है। ऐसे में रन बनाने के मौके और बढ़ जाते हैं। अब सबकी निगाहें वडोदरा पर टिकी हैं, जहां विराट कोहली सिर्फ एक और पारी से खुद को इतिहास के और करीब ले जा सकते हैं। अगर बल्ला चला, तो रिकॉर्ड टूटना तय माना जा रहा है।