छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नाबालिग से रेप के आरोपी को 20 साल कारावास की सजा मिली है। घटना जून 2024 की है। जब आरोपी चंद्रभूषण बरैठ (22 साल) एक 16 साल की लड़की को बहला-फुसलाकर घर से भगा ले गया और उससे दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
मामला जूटमिल थाना क्षेत्र का है। आरोपी उसे अपने साथ तेलंगाना के सिकंदराबाद ले गया था, जहां उसने कई बार संबंध बनाए। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस वहां पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, साथ ही नाबालिग को भी बरामद किया। इस मामले में डेढ़ साल बाद कोर्ट का फैसला आया है, आरोपी को 20 साल कारावास हुई है।
घर वालों को पहले से संदेह था
8 जून 2024 को पीड़िता के पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी नाबालिग बेटी को अज्ञात व्यक्ति रात 11 से 1 बजे के बीच बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पिता ने ग्राम बड़े सीपत का रहने वाला चंद्रभुषण उर्फ चुन्नू बरैठ (22 साल) पर संदेह भी जताया था। पुलिस की जांच पड़ताल में वहीं आरोपी निकला।
जांच में पता चला दोनों सिकंदराबाद में है
पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने अपराध कायम कर पीड़िता और संदेही युवक की तालाश शुरू की। जहां पुलिस को उनके बशीराबाद सिकंदराबाद में होने की जानकारी मिली।
ऐसे में स्थानीय पुलिस की मदद से पीड़िता को युवक के पास से बरामद किया गया। यहां से पुलिस दोनों को 1 जुलाई को रायगढ़ के जूटमिल थाने ले आई। जहां महिला पुलिस अधिकारी ने पीड़िता का बयान लिया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
घर से भागने के बाद स्टेशन पहुंचे
नाबालिग ने अपने बयान में बताया कि चुन्नू बरैठ 9 जून की रात तकरीबन साढ़े 12 बजे बाइक से उसके घर के पास आया। जिसके बाद दोनों वहां से रेलवे स्टेशन पहुंचे, फिर ट्रेन से दोनों सिकंदराबाद चले गए।
सिकंदराबाद में चुन्नू ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 व पाॅक्सो की धारा 4- 6 जोड़ते हुए आरोपी चून्नु बरेठ को गिरफ्तार कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई गई
मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, एफटीएससी पाॅक्सो के न्यायाधीश देवेन्द्र साहू ने दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए आरोपी को दोष सही पाया और आरोपी चून्नु बरेठ को 20 साल कठोर कारावास व साढ़े 5 हजार के जुर्माने से दंडित किया है।
जुर्माने की राशि न पटाने पर आरोपी को 4 माह का अतिरिक्त कारावास भुगताने को कहा गया है। इस मामले में अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने पैरवी की।