कीमती धातुओं के बाजार में आज ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला। सोना और चांदी दोनों ही अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। India Bullion and Jewellers Association के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत एक ही दिन में ₹2,883 बढ़कर ₹1,40,005 तक जा पहुंची। इससे पहले सोना 29 दिसंबर 2025 को ₹1,38,161 प्रति 10 ग्राम के स्तर तक गया था, लेकिन अब उसने वह रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है।
चांदी की बात करें तो इसमें और भी तेज उछाल दर्ज किया गया। एक किलो चांदी का भाव ₹14,475 बढ़कर ₹2,57,283 प्रति किलो पहुंच गया। कल तक यही चांदी ₹2,42,808 किलो बिक रही थी। इससे पहले 7 जनवरी को चांदी ₹2,48,000 प्रति किलो के ऑल टाइम हाई पर थी, जिसे आज के भाव ने पीछे छोड़ दिया। यानी एक ही दिन में चांदी ने निवेशकों को हैरान कर देने वाली छलांग लगा दी।
अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी के रेट अलग-अलग इसलिए नजर आते हैं क्योंकि IBJA द्वारा जारी कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। इन्हीं दरों के आधार पर RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय करता है और कई बैंक गोल्ड लोन के लिए भी इन्हें मानक मानते हैं। इसी वजह से स्थानीय बाजारों में ग्राहकों को अलग कीमत चुकानी पड़ती है।
अगर बीते साल पर नजर डालें तो तेजी की असली तस्वीर सामने आती है। साल 2025 में सोना करीब 75% महंगा हुआ। 31 दिसंबर 2024 को जहां 10 ग्राम सोना ₹76,162 का था, वहीं 31 दिसंबर 2025 तक यह ₹1,33,195 पर पहुंच गया। चांदी ने तो और भी बड़ा धमाका किया। एक साल में इसका भाव 167% उछला—₹86,017 प्रति किलो से बढ़कर ₹2,30,420 तक।
सोने की इस रफ्तार के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे सोने की होल्डिंग कॉस्ट घटी और निवेशकों का रुझान बढ़ा। रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक तनाव ने सोने को एक बार फिर सबसे सुरक्षित निवेश बना दिया। वहीं चीन जैसे देश अपने सेंट्रल बैंक के लिए भारी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं, जिससे मांग लगातार बनी हुई है।
चांदी की तेजी की कहानी भी उतनी ही मजबूत है। सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में बढ़ती खपत ने इसे सिर्फ ज्वेलरी नहीं, बल्कि एक अहम इंडस्ट्रियल मेटल बना दिया है। अमेरिका में टैरिफ को लेकर आशंकाओं के चलते कंपनियां पहले से स्टॉक जमा कर रही हैं, जिससे ग्लोबल सप्लाई पर दबाव बढ़ा है। मैन्युफैक्चरर्स भी प्रोडक्शन रुकने के डर से जमकर खरीदारी कर रहे हैं।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तेजी अभी थमने वाली नहीं है। Kedia Advisory के डायरेक्टर Ajay Kedia के अनुसार चांदी की डिमांड मजबूत बनी हुई है और आने वाले महीनों में यह ₹2.75 लाख प्रति किलो तक जा सकती है। वहीं सोना भी साल के अंत तक ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच सकता है।
इस बीच निवेशकों और खरीदारों के लिए असली चांदी पहचानना भी जरूरी हो गया है। असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती, उस पर बर्फ तेजी से पिघलती है, उसमें कोई गंध नहीं होती और सफेद कपड़े से रगड़ने पर हल्का काला निशान आ सकता है। मौजूदा हालात में साफ है कि सोना-चांदी दोनों ही न सिर्फ निवेशकों बल्कि आम लोगों की भी सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली संपत्ति बन चुके हैं।