शिक्षकों की लेटलतीफी से परेशान छात्र और पैरेंट्स:सड़क पर खड़े रहे प्राइमरी के बच्चे, पैरेंट्स बोले- अगर एक्सीडेंट हो जाए या कोई बच्चा गायब हो जाए तो कौन जिम्मेदार

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स्वामी आत्मानंद स्कूल, खुर्सीपार के प्राइमरी स्कूल स्टाफ की लेटलतीफी से छात्र और उनके पैरेंट्स खासे परेशान हैं। मंगलवार सुबह यह नाराजगी खुलकर सामने आ गई, जब स्कूल का गेट समय पर नहीं खुलने के कारण छोटे-छोटे बच्चे सड़क पर खड़े रहने को मजबूर हो गए। काफी देर तक न तो कोई शिक्षक पहुंचा और न ही कोई स्टाफ मौजूद था। बच्चे स्कूल खुलने का इंतजार करते हुए सड़क किनारे खड़े रहे, जिससे किसी अनहोनी की आशंका बनी रही।

स्कूल का समय सुबह 8 बजे से है, लेकिन इसके बावजूद गेट तय समय तक नहीं खोला गया। पैरेंट्स का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है, बल्कि रोज की समस्या बन चुकी है। शिक्षक अक्सर आधा से एक घंटे तक लेट पहुंचते हैं। पहले जब स्कूल सुबह 7 बजे से लगता था, तब भी यही स्थिति बनी रहती थी। अब ठंड के कारण समय आगे बढ़ाया गया है, लेकिन इसके बाद भी शिक्षकों की लेटलतीफी में कोई सुधार नहीं हुआ है।

पैरेंट्स ने जमकर किया हंगामा मंगलवार को जब 8 बजे तक स्कूल का गेट नहीं खुला तो पालकों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। पालकों का कहना है कि प्राइमरी के बच्चे बेहद छोटे होते हैं। ऐसे में सड़क पर खड़ा रहना उनके लिए खतरनाक है। अगर कोई एक्सीडेंट हो जाए या कोई बच्चा गायब हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

स्वामी आत्मानंद स्कूल में लगातार शिक्षकों के लेट आने की आ रही है शिकायत।

रोज की यही है स्थिति, परीक्षा के वक्त भी लापरवाही पैरेंट्स ने यह भी बताया कि परीक्षा का समय नजदीक है, लेकिन पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बच्चों का कीमती समय यूं ही बर्बाद हो रहा है। हंगामे के बाद काफी देर से प्राथमिक स्कूल का स्टाफ मौके पर पहुंचा और तब जाकर स्कूल का गेट खोला गया। पालकों ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि शिक्षकों की समयपालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई दोनों से कोई समझौता न हो।

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