India Open: स्टैंड में बंदर के बाद अब पक्षी की वजह से रुका मैच, आयोजकों की मुश्किलें और बढ़ीं

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दिल्ली में आयोजित India Open लगातार अव्यवस्थाओं और असामान्य घटनाओं की वजह से सुर्खियों में बना हुआ है। पहले स्टैंड में बंदर दिखने से आयोजकों को आलोचना झेलनी पड़ी और अब पक्षी की वजह से मैच रुकने की घटना ने टूर्नामेंट प्रबंधन पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। विदेशी खिलाड़ियों की शिकायतों के बीच इस तरह की घटनाओं ने इंडिया ओपन के आयोजन को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है।

गुरुवार को H. S. Prannoy और सिंगापुर के Loh Kean Yew के बीच पुरुष एकल के दूसरे दौर का मुकाबला चल रहा था, तभी पक्षी की बीट गिरने के कारण मैच को दो बार रोकना पड़ा। यह घटना Indira Gandhi Indoor Stadium में हुई, जहां टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। पहली बार खेल तब रोका गया जब प्रणय पहले गेम में 16-14 से आगे चल रहे थे। इसके बाद निर्णायक गेम की शुरुआत में, जब प्रणय 1-0 से बढ़त बनाए हुए थे, फिर से खेल रोकना पड़ा।

अचानक चेयर अंपायर द्वारा खेल रोके जाने से दर्शक और कमेंटेटर दोनों हैरान रह गए। कुछ ही देर में टूर्नामेंट अधिकारी कोर्ट पर पहुंचे और टिशू व वाइप्स की मदद से प्रभावित जगह को साफ किया गया। ब्रेक के दौरान एक दिलचस्प दृश्य भी देखने को मिला, जब प्रणय तौलिया लेने गए और लोह कीन यू नेट के पास जाने से पहले छत की ओर देखते नजर आए, मानो यह जानना चाह रहे हों कि आगे फिर कोई रुकावट तो नहीं आएगी।

यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब टूर्नामेंट पहले से ही आलोचनाओं के घेरे में है। खराब हवा, अधिक ठंड और खेलने की परिस्थितियों को लेकर कई खिलाड़ी असंतोष जता चुके हैं। मंगलवार को डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट ने व्यवस्थाओं पर नाराज़गी जाहिर की थी, जबकि उनके हमवतन एंडर्स एंटोनसेन ने प्रदूषण का हवाला देते हुए लगातार तीसरे साल इंडिया ओपन से नाम वापस ले लिया। बुधवार को स्टैंड में बंदर दिखने की घटना ने आयोजकों को और असहज कर दिया था, और अब पक्षी की वजह से मैच रुकना उसी कड़ी का अगला अध्याय बन गया है।

कुल मिलाकर, दिल्ली में इंडिया ओपन का आयोजन खेल से ज्यादा अव्यवस्थाओं की वजह से चर्चा में आ गया है। खिलाड़ियों की शिकायतें, दर्शकों की हैरानी और बार-बार होने वाली रुकावटें यह संकेत दे रही हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस टूर्नामेंट में व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सुधार की जरूरत है, वरना आयोजकों की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं।

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