आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Wipro ने वित्त वर्ष 2025–26 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। दिसंबर तिमाही में विप्रो का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 7 फीसदी घटकर 3,119 करोड़ रुपये रह गया, जबकि तिमाही-दर-तिमाही आधार पर भी करीब 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद कंपनी ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए 6 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है, जिसे बाजार ने एक सकारात्मक संकेत के तौर पर लिया।
कंपनी के मुताबिक मुनाफे पर दबाव की मुख्य वजह लेबर कोड से जुड़े अतिरिक्त खर्च और कुछ अन्य लागतें रहीं। हालांकि अगर इन असाधारण खर्चों को अलग कर दिया जाए तो तस्वीर थोड़ी बेहतर दिखती है। लेबर कोड के प्रभाव को हटाकर देखें तो समायोजित शुद्ध लाभ 3,360 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 3.6 फीसदी ज्यादा और सालाना आधार पर मामूली 0.3 फीसदी की बढ़त दर्शाता है। यह संकेत देता है कि कोर बिजनेस स्तर पर कंपनी की पकड़ अब भी बनी हुई है।
रेवेन्यू के मोर्चे पर विप्रो का आईटी सर्विसेज कारोबार 23,378 करोड़ रुपये का रहा, जो बाजार के अनुमानों से थोड़ा कम है। तिमाही आधार पर इसमें 3.3 फीसदी की बढ़त जरूर दिखी, लेकिन स्थिर मुद्रा में वृद्धि सिर्फ 1.4 फीसदी रही और सालाना आधार पर 1.2 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। यह साफ करता है कि वैश्विक आईटी मांग में अभी भी पूरी मजबूती नहीं आई है और क्लाइंट्स खर्च को लेकर सतर्क बने हुए हैं।
मार्जिन की बात करें तो आईटी सर्विसेज का EBIT 3,573.5 करोड़ रुपये रहा, जो उम्मीद से कम रहा। रिपोर्टेड आधार पर EBIT मार्जिन घटकर 15.3 फीसदी रह गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 16.7 फीसदी था। हालांकि IFRS मानकों के तहत ऑपरेटिंग मार्जिन 17.6 फीसदी रहा, जिसमें 90 बेसिस प्वाइंट की तिमाही सुधार देखने को मिला। कंपनी का कहना है कि बेहतर एग्जीक्यूशन और लागत नियंत्रण की वजह से मार्जिन में यह सुधार संभव हो पाया।
नकदी प्रवाह के मामले में विप्रो ने मजबूती दिखाई है। इस तिमाही में ऑपरेटिंग कैश फ्लो 4,259 करोड़ रुपये रहा, जो शुद्ध मुनाफे का 135 फीसदी से भी ज्यादा है। यह कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट और कैश जेनरेशन क्षमता को दर्शाता है, जो अनिश्चित वैश्विक माहौल में एक बड़ा सहारा मानी जाती है।
डील पाइपलाइन भी उत्साहजनक रही। तिमाही के दौरान कुल 3.3 अरब डॉलर की डील बुकिंग हुई, जिसमें 0.9 अरब डॉलर की बड़ी डील्स शामिल हैं। आगे की बात करें तो मार्च तिमाही के लिए कंपनी ने आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 2.64 से 2.69 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान दिया है, यानी स्थिर मुद्रा में 0 से 2 फीसदी की बढ़त संभव है। कुल मिलाकर, मुनाफे में गिरावट के बावजूद मजबूत कैश फ्लो, डील बुकिंग और डिविडेंड की घोषणा ने निवेशकों के लिए राहत का संदेश दिया है।