सुपरस्टार Prabhas की फिल्म The Raja Saab एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह बॉक्स ऑफिस नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर चल रहा विवाद है। फिल्म के निर्माता एसकेएन ने आरोप लगाया है कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स उनकी पहचान का दुरुपयोग करते हुए खुद को उनका प्रतिनिधि बताकर फिल्म और इसके कलाकारों के खिलाफ भ्रामक और अपमानजनक टिप्पणियां फैला रहे हैं। इसी को लेकर हैदराबाद के Hyderabad Cyber Crime Police में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है।
निर्माता का कहना है कि इन अकाउंट्स का उद्देश्य जानबूझकर भ्रम पैदा करना और फिल्म के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाना है। शिकायत में यह भी आरोप है कि फर्जी पहचान के सहारे पोस्ट की जा रही टिप्पणियां न सिर्फ मेकर्स की साख को नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि कलाकारों को भी निशाना बना रही हैं। एसकेएन ने साफ शब्दों में कहा है कि यह दुर्भावनापूर्ण गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांच के अधीन है।
दरअसल, फिल्म 9 जनवरी को रिलीज़ हुई थी और प्रभास के साथ इसमें निधि अग्रवाल, मालविका मोहनन, रिद्धि कुमार, संजय दत्त और बोमन ईरानी जैसे नाम शामिल थे। भारी उम्मीदों के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर वैसा प्रदर्शन नहीं कर सकी, जैसा स्टारडम के हिसाब से अपेक्षित था। रिलीज़ के बाद सोशल मीडिया पर दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जहां कई यूजर्स ने निराशा जताई और कुछ ने फिल्म को लेकर तीखी टिप्पणियां भी कीं।
मारुति के निर्देशन में बनी इस हॉरर-कॉमेडी को क्रिटिक्स से भी खास सराहना नहीं मिली। समीक्षाओं में कमजोर स्क्रीनप्ले और असरहीन कहानी को इसकी बड़ी कमियां बताया गया। फिल्म न तो डर पैदा कर पाई और न ही कॉमेडी के मोर्चे पर दर्शकों को पूरी तरह साध सकी। इसके बावजूद मेकर्स ने हौसला दिखाते हुए सीक्वल का ऐलान कर दिया है। एंड-क्रेडिट्स में ‘द राजा साब: सर्कस 1935’ नाम से अगले भाग की झलक दी गई, हालांकि इसकी रिलीज़ टाइमलाइन पर अभी पर्दा पड़ा हुआ है।
कुल मिलाकर, ‘द राजा साब’ का यह विवाद बताता है कि आज के दौर में बॉक्स ऑफिस से ज्यादा सोशल मीडिया नैरेटिव फिल्म की छवि को प्रभावित कर सकता है—और मेकर्स अब इसे हल्के में लेने के मूड में नहीं हैं।