रायपुर। नवंबर के अंतिम दिनों से शुरू हुई ठंड ने इस बार जनवरी तक असर दिखाया है। मौसम विशेषज्ञों की मानें, तो राज्य में पंद्रह साल में पहली बार ठंड की अवधि इतनी लंबी रही है। इस बार आने वाला पश्चिमी विक्षोभ असरदार नहीं हो सका और प्रशांत महासागर में सक्रिय ला-नीना ने बारिश के बाद ठंड के मौसम को भी सामान्य से बेहतर बनाया। नवंबर में जब ठंड की शुरुआत हुई, तो कुछ दिनों में ही उत्तरी क्षेत्र में शीतलहर जैसे हालात बन गए औ रमध्य इलाका भी इससे प्रभावित हो गया। अंबिकापुर में इस तरह के शीतलहर वाले हालात दस साल में पहली बार बने थे।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कई सालों में दिसंबर में सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ ठंड को प्रभावित करता था। इस बार सक्रिय ला-नीना ने विक्षोभ को देश के उत्तरी हिस्से में सीमित रखा और छत्तीसगढ़ समेत मध्य हिस्सा ठंड से कांपता रहा। राज्य में अच्छी ठंड की स्थिति पंद्रह साल में पहली बार हुई है। भले रायपुर शहर का तापमान अपने पुराने रिकार्ड को प्रभावित नहीं कर सका हो, मगर दस किमी दूर माना में जनवरी में छह से आठ दिनों तक शीतलहर का प्रकोप रहा है। सरगुजा के सीमावर्ती इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री तक पहुंचा और वहां सुबह बर्फ जमने के साथ घना कोहरा वाली स्थिति भी बनी।
हवा बदलते ही गिरेगा तापमान
जनवरी के अंतिम दिनों में हवा की दिशा में बदलाव होने की वजह से न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है। रायपुर का न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका और अंबिकापुर का पारा भी 6 का आंकड़ा पार कर चुका है जो सामान्य 2 डिग्री अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में जब हवा की दिशा में बदलाव होगा, तो तापमान में गिरावट होने से ठंड महसूस होगी। अब रात की अवधि छोटी होने की वजह से ठंड का असर भी धीरे-धीरे कम होने लगेगा।
अभी मौसम की स्थित
| शहर | अधिकतम | न्यूनतम तापमान |
| रायपुर | 30.0 | 16.4 |
| माना | 29.1 | 14.8 |
| बिलासपुर | 29.8 | 13.8 |
| अंबिकापुर | 27.7 | 6.3 |
| पेंड्रा | 27.4 | 11.4 |
| जगदलपुर | 29.2 | 12.1 |
| दुर्ग | 30.8 | 13.0 |