भारत के खिलाफ लगातार तीन टी20 मुकाबले हारने के बाद न्यूज़ीलैंड क्रिकेट ने आखिरकार बड़ा फैसला ले लिया है। सीरीज में बुरी तरह पिछड़ चुकी कीवी टीम ने चौथे टी20 से पहले अपने स्क्वॉड में सर्जरी करते हुए दो खिलाड़ियों को रिलीज कर दिया है और अनुभवी मैच विनर्स को वापस बुला लिया है। यह बदलाव सिर्फ सीरीज बचाने की कोशिश नहीं, बल्कि आने वाले वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर किया गया रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
न्यूज़ीलैंड ने युवा तेज गेंदबाज क्रिस्टियन क्लार्क और ओपनिंग बल्लेबाज टिम रॉबिन्सन को टीम से बाहर कर दिया है। दोनों खिलाड़ियों को नागपुर में खेले गए पहले टी20 में मौका मिला था, लेकिन भारत के आक्रामक खेल के सामने वे प्रभाव नहीं छोड़ सके। इसी मैच में भारत ने न्यूज़ीलैंड को 48 रन से हराकर सीरीज की दिशा तय कर दी थी। इसके बाद गुवाहाटी और दूसरे मुकाबले में भारत की बल्लेबाज़ी ने कीवी टीम का मनोबल पूरी तरह तोड़ दिया, जहां 150 और 200 से ज्यादा के लक्ष्य रिकॉर्ड समय में हासिल कर लिए गए।
अब न्यूज़ीलैंड के लिए राहत की खबर यह है कि जेम्स नीशम और लॉकी फर्ग्यूसन जैसे अनुभवी और वर्ल्ड कप proven खिलाड़ी टीम कैंप में लौट आए हैं। इनके साथ विकेटकीपर बल्लेबाज टिम सीफर्ट भी जुड़ चुके हैं, जिससे बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों विभागों में संतुलन आने की उम्मीद की जा रही है। न्यूज़ीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने साफ किया है कि यह बदलाव टीम को मजबूती देने और सही कॉम्बिनेशन तलाशने के उद्देश्य से किया गया है।
भारतीय परिस्थितियों में न्यूज़ीलैंड की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी गेंदबाज़ी रही है, जिसे भारतीय बल्लेबाजों ने पूरी तरह उजागर कर दिया। ऐसे में लॉकी फर्ग्यूसन की रफ्तार और नीशम की ऑलराउंड क्षमता से कप्तान Mitchell Santner को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं फिन एलन के भी आखिरी मैच से पहले टीम से जुड़ने की पुष्टि हो चुकी है, जो टॉप ऑर्डर को नई धार दे सकते हैं।
अब सवाल यह नहीं है कि न्यूज़ीलैंड सीरीज जीत पाएगा या नहीं, बल्कि यह है कि क्या वह बाकी मैचों में सम्मान बचा पाएगा। भारत की फॉर्म और आत्मविश्वास को देखते हुए यह राह आसान नहीं दिखती, लेकिन अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी से मुकाबला थोड़ा संतुलित जरूर हो सकता है। विशाखापट्टनम में होने वाला चौथा टी20 कीवी टीम के लिए ‘करो या मरो’ जैसा साबित होने वाला है।