शेयर बाजार की कमजोरी के बीच सुरक्षित निवेश की तलाश ने कीमती धातुओं को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। गुरुवार को घरेलू वायदा बाजार Multi Commodity Exchange (MCX) पर चांदी ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये का स्तर पार किया, जबकि सोने ने भी एक ही दिन में करीब 16 हजार रुपये की छलांग लगाकर निवेशकों को चौंका दिया।
एमसीएक्स पर मार्च वायदा में चांदी दोपहर तक करीब 22 हजार रुपये उछलकर 4,07,680 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई—यह इसका ऑल-टाइम हाई है। वहीं अप्रैल वायदा में सोना करीब 16 हजार रुपये चढ़कर 1,93,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा। इतनी तेज रफ्तार को देखते हुए बाजार विशेषज्ञ फिलहाल सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
अगर पिछले एक हफ्ते की बात करें तो तेजी और भी चौंकाने वाली है। 21 जनवरी को जहां चांदी करीब 3.18 लाख रुपये प्रति किलो थी, वहीं अब यह करीब 90 हजार रुपये उछलकर 4.06 लाख के पार पहुंच चुकी है। इसी तरह सोना 21 जनवरी को लगभग 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो अब करीब 33 हजार रुपये बढ़कर 1.92 लाख रुपये के आसपास आ गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी मजबूत संकेत मिले हैं। स्पॉट सिल्वर 1.1% की तेजी के साथ 117.87 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची और कारोबार के दौरान 119.34 डॉलर का रिकॉर्ड हाई भी बनाया। इस साल अब तक चांदी में 60% से ज्यादा की बढ़त दर्ज हो चुकी है। इसकी वजह सोने के मुकाबले सस्ता विकल्प होना, सप्लाई की कमी और तेजी के ट्रेंड में आक्रामक खरीदारी बताई जा रही है।
सोने में भी सुरक्षित निवेश की मांग ने जोर पकड़ा है। कमजोर अमेरिकी डॉलर और वैश्विक अनिश्चितताओं ने सोने को नया बल दिया। स्पॉट गोल्ड 2.7% उछलकर 5,542 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचा और दिन में 5,591 डॉलर का ऑल-टाइम हाई भी छुआ। साल 2026 में अब तक सोना करीब 27% चढ़ चुका है, जबकि 2025 में इसमें 64% की जबरदस्त तेजी देखी गई थी। घरेलू बाजारों में भी अंतरराष्ट्रीय संकेतों का सीधा असर दिखा।
अन्य कीमती धातुओं में प्लैटिनम 1% बढ़कर 2,723 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा, जबकि पैलेडियम में हल्की कमजोरी रही और यह 2,041 डॉलर प्रति औंस पर फिसल गया।
तेजी की एक बड़ी वजह अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव भी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की ईरान को लेकर सख्त चेतावनियों और जवाब में ईरान के कड़े रुख ने बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में निवेशक सोना-चांदी जैसे सेफ-हेवन एसेट्स की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।
आगे की रणनीति पर बात करें तो विशेषज्ञों का कहना है कि Federal Reserve के ब्याज दरों को लेकर नरम रुख ने भी सोने-चांदी को सपोर्ट दिया है। हालांकि मौजूदा स्तरों पर वोलैटिलिटी बेहद ज्यादा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी को 98 डॉलर और सोने को 5,000 डॉलर के आसपास सपोर्ट मिलता दिख रहा है, लेकिन जियो-पॉलिटिकल टेंशन, डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के बीच उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
कुल मिलाकर, रफ्तार भले ही रिकॉर्ड बना रही हो, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि इस वक्त बड़े निवेश से पहले सावधानी और जोखिम प्रबंधन बेहद जरूरी है।