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US SEC केस में अदाणी भाइयों का बड़ा कानूनी कदम: नोटिस लेने पर सहमति, दोष स्वीकार नहीं—कंपनी ने साफ की स्थिति

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अदाणी समूह से जुड़े अमेरिकी SEC केस को लेकर एक अहम लेकिन अक्सर गलत समझा जाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। Adani Group की कंपनी Adani Green Energy Limited ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया है कि Gautam Adani और Sagar Adani के वकीलों ने अमेरिका में चल रहे SEC के सिविल मामले में कानूनी दस्तावेज़ों की “सर्विस” स्वीकार करने पर सहमति जताई है। कंपनी ने साफ शब्दों में कहा है कि यह केवल एक प्रक्रियात्मक कदम है, न कि किसी तरह का दोष स्वीकार करना।

अदाणी ग्रीन एनर्जी के मुताबिक, यह मामला अमेरिका के Securities and Exchange Commission द्वारा 2024 में दायर किया गया था और फिलहाल न्यूयॉर्क के United States District Court for the Eastern District of New York में विचाराधीन है। 31 जनवरी को की गई स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने स्पष्ट किया कि 30 जनवरी 2026 को प्रतिवादियों के वकीलों ने अदालत के अधिकार क्षेत्र को स्वीकार किए बिना, और सभी कानूनी बचाव सुरक्षित रखते हुए, सर्विस स्वीकार करने का आवेदन दाखिल किया है।

कंपनी ने यह भी समझाया कि अमेरिकी न्यायिक प्रणाली में “सर्विस स्वीकार करना” क्या होता है। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि प्रतिवादी या उनके वकील कानूनी दस्तावेज़ सीधे प्राप्त करने पर सहमत हो जाते हैं, ताकि नोटिस तामील कराने के लिए शेरिफ या प्रोसेस सर्वर की जरूरत न पड़े। इसे स्वैच्छिक और वैध दस्तावेज़ प्राप्ति माना जाता है, जो ड्यू प्रोसेस की औपचारिकताओं को पूरा करता है—इसका दोष या आरोपों की स्वीकारोक्ति से कोई लेना-देना नहीं है।

अदाणी ग्रीन एनर्जी ने दो टूक कहा है कि कंपनी खुद इस केस की पक्षकार नहीं है और उसके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाए गए हैं। साथ ही यह भी दोहराया गया कि न तो कंपनी पर और न ही अदाणी भाइयों पर अमेरिका के Foreign Corrupt Practices Act (FCPA) के तहत रिश्वत या भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप हैं। कंपनी के अनुसार, यह स्थिति पहले भी 27 नवंबर 2024 को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट की जा चुकी है।

फाइलिंग में यह भी संकेत दिया गया है कि अदाणी भाइयों ने कुछ आवश्यक प्रक्रियात्मक कदम उठाए हैं और वे SEC की शिकायत को खारिज कराने के लिए आवेदन दायर करने या उचित कानूनी जवाब (responsive pleadings) दाखिल करने का इरादा रखते हैं। यानी अगला चरण पूरी तरह कानूनी रणनीति और कोर्ट प्रक्रिया पर आधारित होगा।

गौरतलब है कि नवंबर 2024 में EDNY में एक पांच आरोपों वाला आपराधिक अभियोग-पत्र सार्वजनिक हुआ था, जिसमें कथित रिश्वत और धोखाधड़ी योजना से संभावित संबंधों के आरोपों का उल्लेख किया गया था। उस समय भी अदाणी समूह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि ये केवल आरोप हैं और जब तक दोष सिद्ध न हो, तब तक प्रतिवादी निर्दोष माने जाते हैं। समूह ने उच्चतम स्तर की पारदर्शिता, नियामकीय अनुपालन और कानूनी प्रक्रिया में सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।

कुल मिलाकर, SEC केस में अदाणी भाइयों द्वारा सर्विस स्वीकार करना एक तकनीकी और प्रक्रियात्मक कदम है, जिसे दोष स्वीकार करने के रूप में देखना तथ्यात्मक रूप से गलत होगा। अब निगाहें इस बात पर हैं कि अदालत में अगला कानूनी कदम क्या होता है और यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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